Loading...

हिमाचल में सी-ग्रेड सेब खरीद की जांच, दस हजार से अधिक बागबानों को नोटिस

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश में मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत सी-ग्रेड सेब की सरकारी खरीद का सत्यापन शुरू किया गया है। योजना के अंतर्गत 100 से अधिक बोरी सेब देने वाले दस हजार से ज्यादा बागबानों को नोटिस जारी कर जमीन, बागीचे के क्षेत्रफल, उत्पादन और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड मांगा गया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित बागबानों के नाम पर दर्ज सेब की मात्रा उनकी जमीन और संभावित उत्पादन के अनुरूप थी या नहीं।

शिमला

संबंधित एसडीएम के माध्यम से करवाई गई जांच में कुछ मामलों में अनियमितता की आशंका सामने आने के बाद विभाग ने बड़े स्तर पर रिकॉर्ड का मिलान शुरू किया है। इसके तहत बागबान की कुल जमीन, उसमें से सेब के बागीचे का क्षेत्रफल, संभावित पैदावार और एमआईएस में दर्ज सी-ग्रेड सेब की मात्रा का सत्यापन किया जा रहा है। सरकार को आशंका है कि कुछ मामलों में वास्तविक उत्पादन से अधिक सेब सरकारी खरीद के रिकॉर्ड में दर्ज कराया गया हो सकता है।

कलेक्शन एजेंटों की भूमिका भी जांच के दायरे में

विभाग यह भी जांच रहा है कि बागबानों ने किस कलेक्शन सेंटर पर सेब जमा कराया, किस एजेंट ने खरीद दर्ज की और उनके नाम पर एमआईएस में कितनी मात्रा चढ़ाई गई। जमीन और उत्पादन क्षमता के मुकाबले दर्ज सेब की मात्रा में बड़ा अंतर मिलने पर संबंधित कलेक्शन एजेंट की भूमिका की भी जांच होगी। एमआईएस के तहत वर्ष 2025-26 में 98,268 मीट्रिक टन सेब की सरकारी खरीद हुई थी, जो उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले कई वर्षों की सबसे अधिक खरीद है।

बागबानी विभाग के सचिव सी पाल रासू ने बताया कि 100 से अधिक बोरी सी-ग्रेड सेब देने वाले बागबानों के मामलों का सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस जारी होने का अर्थ किसी बागबान को दोषी ठहराना नहीं है। रिकॉर्ड सही पाए जाने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। यदि जांच में वास्तविक उत्पादन से अधिक सेब एमआईएस के तहत दर्ज किया गया मिलता है, तो खरीद दर्ज करने वाले कलेक्शन एजेंट की भूमिका भी जांची जाएगी।

Related Topics: