हिमाचल में कांग्रेस पर मुस्लिम समुदाय की अनदेखी के आरोप, प्रतिनिधित्व को लेकर बढ़ा असंतोष
Himachalnow / नाहन
प्रदेश में कांग्रेस संगठन की नई नियुक्तियों को लेकर मुस्लिम समुदाय ने नाराजगी जाहिर की है। ब्लॉक अध्यक्षों की सूची में प्रतिनिधित्व न मिलने और लंबित संस्थाओं के गठन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस मुद्दे ने राजनीतिक माहौल में नई बहस को जन्म दिया है।
सिरमौर/नाहन
ब्लॉक अध्यक्ष सूची पर उठे सवाल
ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी ने 71 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की सूची में एक भी मुस्लिम प्रतिनिधि को स्थान न दिए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। सोसाइटी के पदाधिकारियों का कहना है कि यह फैसला अल्पसंख्यक समुदाय की अनदेखी को दर्शाता है और इससे संगठन की कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़े होते हैं।
नेतृत्व पर लगाए आरोप
संयुक्त बयान में मुख्य सलाहकार नसीम दीदान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट शकील अहमद और जिला सिरमौर मुस्लिम कमेटी के प्रधान कैप्टन सलीम अहमद ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार पर समुदाय की अनदेखी के आरोप लगाए। उनका कहना है कि तीन वर्षों में हज कमेटी, वक्फ बोर्ड और अन्य योजनाओं का गठन न होना भी चिंता का विषय है।
राजनीतिक प्रभाव की चेतावनी
सोसाइटी ने कहा कि सिरमौर के नाहन और पांवटा साहिब सहित कई क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय की निर्णायक भूमिका रही है। ऐसे में यदि उनकी अनदेखी जारी रहती है तो आगामी चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समुदाय लंबे समय से कांग्रेस से जुड़ा रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों से असंतोष बढ़ रहा है।
समान प्रतिनिधित्व की मांग
पदाधिकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की है कि संगठन में सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व दिया जाए। साथ ही हज कमेटी, वक्फ बोर्ड और अन्य लंबित संस्थाओं का जल्द गठन कर अल्पसंख्यक समुदाय का विश्वास बहाल किया जाए।