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बागवानी से अक्षय ऊर्जा तक उद्योग आधारित कोर्स पर फोकस, हिमाचल को शिक्षा हब बनाने की तैयारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश को शिक्षा हब बनाने के उद्देश्य से निजी विश्वविद्यालयों को प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोलन में आयोजित शैक्षणिक सम्मेलन में बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि तकनीक, पर्यटन एवं आतिथ्य, अक्षय ऊर्जा, वानिकी और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में उद्योगों से जुड़े कार्यक्रम विकसित करने पर जोर दिया।

सोलन

हिमाचल की परिस्थितियों के अनुरूप तैयार हों कौशल कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय प्रदेश को संपूर्ण शिक्षा हब बनाने की दिशा में सरकार के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों से बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि तकनीक, पर्यटन एवं आतिथ्य, अक्षय ऊर्जा, वानिकी और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में कौशल आधारित तथा उद्योगों से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार होने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सार्थक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में मिलकर करें काम

मुख्यमंत्री ने निजी विश्वविद्यालयों से संकाय विकास, अनुसंधान सहयोग और छात्र आदान-प्रदान के साथ स्टार्टअप तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में मिलकर काम करने को कहा। सरकार की ओर से बेहतर प्रयोगशालाओं, अनुसंधान सुविधाओं और उद्योग जगत के साथ संपर्क बढ़ाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

विद्यार्थियों से जल के माध्यम से आत्मनिर्भरता पर सोचने का आह्वान

निजी विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे प्रदेश में जल के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में सोच विकसित करने का आह्वान किया। संवाद के दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश को शिक्षा हब बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी बात की।

दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक खेती और सौर ऊर्जा पर भी संवाद

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ संवाद में दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक कृषि तथा बंजर भूमि का उपयोग सौर विद्युत उत्पादन के लिए करने के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश सरकार के प्रयासों से प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर पूर्ण अंकुश लगाने की बात भी कही।

इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने निजी विश्वविद्यालयों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर परिश्रम करने और देशहित में कार्य करने का आग्रह किया।