विश्वविद्यालय रोजगार के नए अवसरों के अनुरूप अपडेट करें पाठ्यक्रम, हिमाचल की जरूरतों पर हो रिसर्च: मुख्यमंत्री
हिमाचल प्रदेश के विश्वविद्यालयों को प्रदेश की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के उभरते अवसरों के अनुरूप अपने पाठ्यक्रम लगातार अपडेट करने होंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोलन में हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग और प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों के सहयोग से आयोजित शैक्षणिक सम्मेलन एवं छात्र संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यह आह्वान किया।
सोलन
इन क्षेत्रों में अनुसंधान बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम में बदलाव, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, सतत पर्यटन, अक्षय ऊर्जा, बागवानी, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे क्षेत्र हिमाचल प्रदेश की आवश्यकताओं से सीधे जुड़े हैं। विश्वविद्यालयों द्वारा इन विषयों पर किया गया सार्थक अनुसंधान प्रदेश के हितों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार की संभावनाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
निजी विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा प्रणाली के महत्वपूर्ण सहयोगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निजी विश्वविद्यालयों को केवल शैक्षणिक संस्थानों के रूप में नहीं देखती, बल्कि वे पूरी उच्च शिक्षा प्रणाली के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। शिक्षा के विस्तार और भविष्य की जरूरतों के अनुसार युवाओं को तैयार करने में निजी विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों से संकाय विकास, अनुसंधान सहयोग, छात्र आदान-प्रदान, स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में मिलकर काम करने का आग्रह किया।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार हों पाठ्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को बेहतर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए उद्योग जगत और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग जरूरी है। विश्वविद्यालयों को उद्योगों की जरूरतों और रोजगार के उभरते अवसरों को देखते हुए पाठ्यक्रम तैयार और अपडेट करते रहना चाहिए।
प्रदेश सरकार बेहतर पाठ्यक्रम, प्रयोगशालाएं, अनुसंधान सुविधाएं, उद्योग जगत के साथ संपर्क तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए प्राथमिक स्तर से लेकर उच्चतम स्तर तक शिक्षा अधोसंरचना को समग्र रूप से स्तरोन्नत किया जा रहा है।
शिक्षा की पहुंच, गुणवत्ता और कौशल निखार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों के कौशल निखार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2021 में प्रदेश 21वें स्थान पर था।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन से पहले विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों द्वारा अनुसंधान और पेटेंट से जुड़े विषयों पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।