मंडी के जागर में स्थापित होगा हिमाचल का पहला मैंगो क्लस्टर, लगाए जाएंगे 25,625 आम के पौधे
एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत मंडी जिले के जागर क्षेत्र में प्रदेश के पहले मैंगो क्लस्टर के विकास का कार्य शुरू हो गया है। लगभग 41 हेक्टेयर क्षेत्र में 25,625 उन्नत किस्मों के आम के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मंडी
जागर में शुरू हुआ मैंगो क्लस्टर विकास कार्य
हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्यवर्धन (एचपी शिवा) परियोजना के तहत जिला मंडी के जागर क्षेत्र में प्रदेश के पहले मैंगो क्लस्टर की स्थापना का कार्य शुरू हो गया है। इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 41 हेक्टेयर भूमि को आम उत्पादन के लिए विकसित किया जाएगा। बागवानी विभाग के अनुसार आगामी वर्षा ऋतु के दौरान यहां उच्च गुणवत्ता वाली उन्नत किस्मों के कुल 25,625 आम के पौधे लगाए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में व्यावसायिक बागवानी को बढ़ावा देना तथा किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आय के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराना है। इसके लिए भूमि विकास, पौधरोपण और तकनीकी मार्गदर्शन सहित विभिन्न गतिविधियां चरणबद्ध तरीके से संचालित की जाएंगी।
भूमि विकास कार्य का शुभारंभ
भूमि विकास कार्य के शुभारंभ अवसर पर बागवानी विभाग मंडी जोन के संयुक्त निदेशक डॉ. सुबोध शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि जागर क्षेत्र के किसानों ने परियोजना में सामूहिक भागीदारी दिखाते हुए क्लस्टर आधारित बागवानी मॉडल को अपनाने में रुचि दिखाई है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक बागवानी पद्धतियों, आधुनिक प्रबंधन तकनीकों और विभागीय सहयोग के माध्यम से किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि संगठित रूप से विकसित किए जा रहे ऐसे क्लस्टर भविष्य में क्षेत्रीय स्तर पर बागवानी गतिविधियों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
हाई-डेंसिटी प्लांटेशन तकनीक अपनाई जाएगी
उप निदेशक बागवानी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि एचपी शिवा परियोजना का मुख्य उद्देश्य उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में फल उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि के लिए आधुनिक बागवानी प्रणालियों को अपनाना है। उन्होंने कहा कि जागर क्लस्टर में विकसित होने वाले बागों में हाई-डेंसिटी प्लांटेशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस तकनीक के तहत कम क्षेत्र में अधिक संख्या में पौधे लगाए जाते हैं, जिससे भूमि का बेहतर उपयोग संभव होता है। इसके साथ ही पौधों के वैज्ञानिक प्रबंधन, सिंचाई व्यवस्था और पोषण प्रबंधन के माध्यम से बेहतर गुणवत्ता वाले फल उत्पादन तथा उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश का पहला मैंगो क्लस्टर
बागवानी विभाग के अनुसार एचपी शिवा परियोजना के तहत स्थापित होने वाला यह हिमाचल प्रदेश का पहला मैंगो क्लस्टर होगा। परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में आम उत्पादन को संगठित रूप से विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि क्लस्टर आधारित मॉडल से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, पौध सामग्री, प्रबंधन संबंधी सहायता और विपणन से जुड़ी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसके अलावा परियोजना से बागवानी आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि की संभावना है। जागर क्षेत्र में शुरू किया गया यह प्रयास प्रदेश में उपोष्णकटिबंधीय फल उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।