संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड और पुरोहिताई पाठ्यक्रम पर विचार
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में हुई हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक में संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड एवं पुरोहिताई के डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम शुरू करने पर विचार किया गया। बैठक में गौ सदनों, बेसहारा गौवंश के पालन-पोषण, सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता और रिवालसर स्थित त्रिवेणी धाम की क्षतिग्रस्त चारदीवारी के पुनर्निर्माण से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
शिमला/शिमला
बैठक में बताया गया कि मंडी जिले के रिवालसर स्थित त्रिवेणी धाम की क्षतिग्रस्त एवं असुरक्षित चारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है। इसके साथ ही राज्य के संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड और पुरोहिताई से संबंधित डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की इस बैठक की अध्यक्षता की।
गौ सदनों में 23,018 गौवंश को आश्रय
प्रदेश के 222 गौ सदनों एवं गौ अभयारण्यों में 23,018 गौवंश को आश्रय दिया गया है। सात निर्माणाधीन गौ सदनों और गौ अभयारण्यों का कार्य पूरा होने के बाद 2,200 से 2,500 अतिरिक्त बेसहारा गौवंश को आश्रय मिल सकेगा। गौ सेवा आयोग की ओर से बेसहारा गौवंश के पालन-पोषण के लिए प्रति गौवंश 1,200 रुपये प्रतिमाह सहायता दी जा रही है। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है।
सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता
प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क दवाइयां, निःशुल्क जांच और आवश्यक मशीनरी एवं उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 484, 170 और 91 प्रकार की दवाइयां तथा 134, 48 और 28 प्रकार की उपभोग्य वस्तुएं अधिसूचित की गई हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 573 प्रकार की दवाइयां एवं उपभोग्य वस्तुएं राज्य दर संविदा के अंतर्गत उपलब्ध हैं, जबकि 866 प्रकार की दवाइयां एवं उपभोग्य वस्तुएं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
