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राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने राजभवन को घोषित किया ईंधन संरक्षण क्षेत्र, पेट्रोल-मुक्त रविवार लागू

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने ईंधन संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजभवन में कई प्रशासनिक उपाय लागू करने की घोषणा की है। इन उपायों के तहत पेट्रोल-मुक्त रविवार, सरकारी वाहनों की सीमित आवाजाही और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी।

शिमला

राजभवन को बनाया गया ईंधन संरक्षण क्षेत्र

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने घोषणा की है कि अब से लोक भवन को एक निर्धारित ईंधन संरक्षण क्षेत्र के रूप में संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी परिस्थितियों और वैश्विक स्तर पर बढ़ती ईंधन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है। इसके तहत प्रत्येक रविवार को “पेट्रोल-मुक्त रविवार” के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें किसी भी सरकारी वाहन द्वारा आयातित ईंधन का उपयोग नहीं किया जाएगा। रविवार को होने वाले सरकारी कार्यक्रमों और बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से या संयुक्त यात्रा व्यवस्था के जरिए संपन्न किया जाएगा ताकि अनावश्यक ईंधन खपत को रोका जा सके।

सरकारी वाहनों और बैठकों के संचालन में बदलाव

राज्यपाल ने अपने सभी सरकारी काफिलों का आकार तत्काल प्रभाव से आधा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में संसाधनों के संतुलित उपयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके अलावा गैर-जरूरी सरकारी बैठकों को अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया जाएगा, जिससे सड़क मार्ग से होने वाली अनावश्यक यात्राओं में कमी आएगी। सरकारी कार्यक्रमों और औपचारिक आयोजनों को भी एक साथ आयोजित करने की योजना बनाई गई है ताकि वाहनों की आवाजाही कम हो और प्रशासनिक खर्चों में भी कमी लाई जा सके।

हेलीकॉप्टर उपयोग नहीं करने की घोषणा

राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट समाप्त होने और वैश्विक ईंधन कीमतों के स्थिर होने तक वह किसी भी सरकारी कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार के हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में ईंधन संरक्षण पर बल दिया जा रहा है, तब सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग में भी संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। इस निर्णय को प्रशासनिक स्तर पर ईंधन बचत के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है।

विश्वविद्यालय परिसरों में भी लागू होंगे संरक्षण उपाय

हिमाचल प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होने के नाते राज्यपाल ने कुलपतियों से अपने-अपने परिसरों में ऊर्जा और ईंधन संरक्षण को संस्थागत रूप देने का आग्रह किया है। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के लिए कारपूलिंग, साइकिल उपयोग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने संबंधी परामर्श जारी करने की बात कही। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को संरक्षण को केवल अध्ययन का विषय नहीं बल्कि व्यवहारिक संस्कृति के रूप में अपनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

युवाओं और नागरिकों से सहयोग की अपील

राज्यपाल ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, कम दूरी के लिए पैदल चलने और साइकिल को प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को अपनाने पर जोर देते हुए स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक विरासत और एडवेंचर पर्यटन के दृष्टिकोण से देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।