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शिमला हाईकोर्ट ने प्लास्टिक होलोग्राम टेंडर मामले में केंद्र और राज्य सरकार सहित संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 75 करोड़ गैर-संग्रहणीय प्लास्टिक होलोग्राम टेंडर से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार सहित संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं, जबकि अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।

शिमला

जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 और प्लास्टिक फ्री इंडिया अभियान से जुड़े एक जनहित याचिका मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। यह याचिका देहरादून निवासी अधिवक्ता अभिनव थापर की ओर से दायर की गई है। अदालत ने संबंधित पक्षों से मामले पर जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका में आबकारी विभाग की उस खरीद प्रक्रिया को चुनौती दी गई है, जिसमें लगभग 75 करोड़ रुपये मूल्य के गैर-संग्रहणीय और गैर-पुनर्चक्रणीय प्लास्टिक एक्साइज होलोग्राम लेबल शामिल हैं।

75 करोड़ प्लास्टिक होलोग्राम टेंडर को दी गई चुनौती

याचिका के अनुसार हिमाचल प्रदेश आबकारी विभाग ने 36 माइक्रोन मोटाई वाले प्लास्टिक एक्साइज होलोग्राम लेबल की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 75 करोड़ रुपये बताई गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह प्रक्रिया प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 तथा पर्यावरणीय प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित सामग्री गैर-संग्रहणीय और गैर-पुनर्चक्रणीय है, इसलिए इसका उपयोग प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के उद्देश्यों के विपरीत माना गया है। इसमें प्रधानमंत्री के प्लास्टिक फ्री इंडिया अभियान का भी संदर्भ दिया गया है।

पर्यावरणीय प्रभाव से जुड़े बिंदु भी उठाए

याचिका में पीईटी आधारित प्लास्टिक के पर्यावरणीय प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यह जैव अपघटनीय नहीं होता और इसकी पर्यावरण में अनुमानित आयु 300 से 400 वर्ष तक हो सकती है। याचिकाकर्ता के अनुसार समय के साथ यह सामग्री माइक्रोप्लास्टिक में बदल सकती है, जिससे मिट्टी, नदियों और भूजल पर प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। याचिका में इन तथ्यों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया की वैधानिकता और पर्यावरणीय अनुपालन की न्यायिक समीक्षा का आग्रह किया गया है। मामले में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कानूनों और नियमों के पालन पर भी प्रश्न उठाए गए हैं।

17 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले में केंद्र और राज्य सरकार सहित संबंधित विभागों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने याचिका पर अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को निर्धारित की है। इस सुनवाई में संबंधित पक्षों की ओर से दायर जवाबों पर विचार किया जाएगा।

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