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हिमाचल में राशन वितरण व्यवस्था में बदलाव, सर्वर बाधित होने पर अब क्यूआर कोड से मिलेगा खाद्यान्न

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

प्रदेश में आधार प्रमाणीकरण सेवाएं तकनीकी कारणों से प्रभावित होने के बाद राशन वितरण व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी राशन डिपो में क्यूआर कोड आधारित वितरण सुविधा सक्रिय कर दी है, ताकि पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न वितरण निर्बाध रूप से जारी रखा जा सके।

शिमला

सर्वर बाधित होने से प्रभावित हुआ राशन वितरण

हिमाचल प्रदेश के विभिन्न उचित मूल्य की दुकानों पर पिछले कुछ दिनों से आधार प्रमाणीकरण सेवाओं में तकनीकी व्यवधान के कारण ई-पॉस मशीनों के माध्यम से होने वाला राशन वितरण प्रभावित रहा। विभागीय जानकारी के अनुसार आधार आधारित सत्यापन प्रक्रिया बाधित होने से कई डिपो पर लाभार्थियों को निर्धारित समय तक इंतजार करना पड़ा और कुछ स्थानों पर वितरण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत यह व्यवस्था प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं से जुड़ी है, इसलिए तकनीकी समस्या का असर राज्य के कई जिलों में एक साथ दिखाई दिया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह समस्या तकनीकी कारणों से उत्पन्न हुई है और इसे शीघ्र बहाल करने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

क्यूआर कोड आधारित अंतरिम व्यवस्था लागू

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए ई-पॉस मशीनों में उपलब्ध क्यूआर कोड आधारित वितरण सुविधा को अंतरिम व्यवस्था के रूप में सक्रिय कर दिया गया है। अब लाभार्थी अपने निर्धारित राशन डिपो पर क्यूआर कोड के माध्यम से निर्धारित खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। विभाग ने सभी उचित मूल्य की दुकानों को निर्देश दिए हैं कि वे इस वैकल्पिक व्यवस्था के तहत वितरण प्रक्रिया को नियमित रूप से जारी रखें, ताकि आधार प्रमाणीकरण सेवा बहाल होने तक खाद्यान्न आपूर्ति में कोई व्यवधान न आए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था अस्थायी है और तकनीकी समस्या के समाधान तक लागू रहेगी।

प्रदेश के लाखों लाभार्थियों को मिलेगा लाभ

प्रदेश में वर्तमान समय में 5,078 उचित मूल्य की दुकानें (राशन डिपो) संचालित हैं। इनके माध्यम से लगभग 19.48 लाख राशन कार्डों पर करीब 74.26 लाख पात्र लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। इनमें अंत्योदय, प्राथमिक गृहस्थी और अन्य पात्र श्रेणियों के उपभोक्ता शामिल हैं, जो नियमित रूप से डिपो से राशन प्राप्त करते हैं। विभाग का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लाभार्थियों को देखते हुए वितरण व्यवस्था का सुचारु रहना आवश्यक है, इसलिए क्यूआर कोड आधारित अंतरिम सुविधा को सक्रिय किया गया है, ताकि पात्र उपभोक्ताओं को निर्धारित खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराया जा सके।

विभाग ने लाभार्थियों से की अपील

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रवक्ता तथा विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आधार प्रमाणीकरण सेवाओं की बहाली के लिए आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की है कि वे अपने निर्धारित राशन डिपो से पूर्व की भांति खाद्यान्न प्राप्त करें और किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए संबंधित उचित मूल्य की दुकान या विभागीय कार्यालय से संपर्क करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि तकनीकी समस्या के समाधान तक क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था के माध्यम से राशन वितरण जारी रहेगा और पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा रही है।

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