कांगड़ा की ब्यास नदी में प्रतिबंध के दौरान मछली पकड़ते दो लोगों पर कार्रवाई, 3000 रुपये जुर्माना
प्रदेश में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान लागू दो माह के प्रतिबंध के बावजूद कांगड़ा के इंदौरा क्षेत्र में ब्यास नदी में अवैध रूप से मछली पकड़ने का मामला सामने आया है। मत्स्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को पकड़कर 3000 रुपये का जुर्माना लगाया है और प्रतिबंध अवधि में निगरानी अभियान जारी रखने की बात कही है।
कांगड़ा
प्रतिबंध अवधि के दौरान ब्यास नदी में की गई कार्रवाई
कांगड़ा जिले के इंदौरा क्षेत्र में स्थित ब्यास नदी में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान लागू प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से मछली पकड़ने की सूचना पर मत्स्य विभाग ने कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार टांडा पत्तन पुल के नीचे दो किश्तियों के माध्यम से जाल डालकर मछली पकड़ने की सूचना विभाग को मिली थी। इसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां एक किश्ती वहां से निकल गई, जबकि दूसरी किश्ती में सवार दो लोगों को मौके पर पकड़ लिया गया।
दो लोगों पर 3000 रुपये का जुर्माना
मत्स्य विभाग के अनुसार पकड़े गए दोनों व्यक्तियों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए 3000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश से आए कुछ प्रवासी मछुआरे इस क्षेत्र में लंबे समय से मछली पकड़ने का कार्य करते हैं। विभाग का कहना है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान नदी में जाल डालकर मछली पकड़ना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
विभाग ने बताया कि बीते सप्ताह भी इसी क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान एक जाल जब्त किया गया था और संबंधित लोगों पर 1600 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बावजूद दोबारा प्रतिबंध अवधि में मछली पकड़ने की सूचना मिलने पर फिर से कार्रवाई की गई। विभाग का कहना है कि ब्यास नदी और अन्य जल स्रोतों में प्रतिबंध अवधि के दौरान नियमित निगरानी जारी रहेगी।
मत्स्य विभाग ने जारी रखने की बात कही निगरानी
मत्स्य क्षेत्रीय सहायक अभिषेक ने बताया कि सूचना मिलने पर विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। एक किश्ती मौके पर नहीं मिली, जबकि दूसरी किश्ती में मछली पकड़ रहे दो लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रजनन काल के दौरान मछलियों के संरक्षण के लिए प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने हेतु अभियान आगे भी जारी रहेगा।