Loading...

कांगड़ा में 5 प्राथमिक और 1 मिडल स्कूलों पर लगे ताले, शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के संबंध में प्रदेश सरकार की मर्जर नीति के तहत कांगड़ा जिले के छह सरकारी स्कूलों के विलय संबंधी आदेश जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा तथा उपलब्ध संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

धर्मशाला

शिक्षा विभाग ने जारी किए विलय संबंधी आदेश

हिमाचल प्रदेश सरकार की विद्यालय मर्जर नीति के तहत शिक्षा विभाग ने जिला कांगड़ा के पांच राजकीय प्राथमिक विद्यालय और एक राजकीय माध्यमिक विद्यालय के विलय के आदेश जारी किए हैं। विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार कम छात्र संख्या वाले इन विद्यालयों को निकटवर्ती सरकारी शिक्षण संस्थानों में समायोजित किया जाएगा। विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, भवनों और शिक्षकों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।

इन विद्यालयों का किया गया विलय

जारी सूची के अनुसार फतेहपुर ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय (जीपीएस) बांकेहर का विलय जीपीएस सुनेट में किया गया है। धीरा ब्लॉक के जीपीएस चरखड़ा को जीसीपीएस धोरण, थुरल ब्लॉक के जीपीएस डगेरा को जीपीएस घरेला तथा रक्कड़ ब्लॉक के जीपीएस जुराही को जीपीसीएस भरोली कोहला में समायोजित किया गया है। इसी प्रकार बैजनाथ ब्लॉक के जीसीपीएस नागेहर का विलय जीपीएस खोपा में किया गया है। इसके अतिरिक्त पालमपुर ब्लॉक के राजकीय माध्यमिक विद्यालय (जीएमएस) बडसर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीएसएसएस) जिया में विलय करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

विभाग ने बताई मर्जर की प्रक्रिया और उद्देश्य

उपनिदेशक उच्च शिक्षा, जिला कांगड़ा अजय सम्ब्याल ने बताया कि विद्यालयों का विलय प्रदेश सरकार की निर्धारित नीति और प्रावधानों के अनुरूप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कम छात्र संख्या वाले संस्थानों को निकटवर्ती विद्यालयों में समायोजित करने का उद्देश्य शिक्षकों की उपलब्धता, शैक्षणिक संसाधनों और आधारभूत सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। विभाग के अनुसार जिन विद्यार्थियों के विद्यालयों का विलय किया गया है, उन्हें संबंधित निकटवर्ती स्कूलों में प्रवेश देकर उनकी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रखी जाएगी।

शिक्षा व्यवस्था के प्रभावी संचालन पर रहेगा फोकस

शिक्षा विभाग के अनुसार मर्ज किए गए विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक शैक्षणिक व्यवस्थाएं संबंधित स्कूलों में सुनिश्चित की जाएंगी। विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से संसाधनों का समुचित उपयोग, शिक्षण व्यवस्था में समन्वय तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।