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हिमाचल के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उन्नत इलाज की तैयारी, विशेषज्ञ समिति दो सप्ताह में देगी रिपोर्ट

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 46 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश सरकार ने गंभीर, दुर्लभ और जटिल बीमारियों के उन्नत उपचार के लिए सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी चमियाणा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर गठित विशेषज्ञ समिति प्रस्तावों का निरीक्षण कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

शिमला

राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, विशेषज्ञ समिति प्रत्येक सरकारी मेडिकल कॉलेज और एआईएमएसएस चमियाणा में दो से चार ऐसे विभागों की पहचान करेगी, जिन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा सकता है। इन केंद्रों में आधुनिक तकनीक और विशेष सुविधाओं की सहायता से जटिल, दुर्लभ एवं गंभीर रोगों का उन्नत बहु-विषयक उपचार उपलब्ध करवाने की परिकल्पना की गई है।

प्रदेश से बाहर इलाज कराने की जरूरत होगी कम

इस पहल का उद्देश्य सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में उच्चस्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और उन्नत रोगी उपचार सुविधाओं को मजबूत करने के साथ लक्षित चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देना है। सरकार के अनुसार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित होने से गंभीर बीमारियों के उन्नत उपचार के लिए मरीजों को प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें घर के नजदीक विशेषज्ञ सेवाएं मिल सकेंगी।

डॉ. डी.के. वर्मा की अध्यक्षता में समिति गठित

विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता अटल मेडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी नेरचौक, मंडी के कुलपति डॉ. डी.के. वर्मा करेंगे। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक डॉ. गोपाल बेरी, टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा, एआईएमएसएस चमियाणा के प्रधानाचार्य डॉ. बृज शर्मा तथा आईजीएमसी शिमला के प्रोफेसर डॉ. बलबीर वर्मा और डॉ. पुनीत महाजन इसके सदस्य होंगे। एसएलबीएसजीएमसी नेरचौक के अतिरिक्त या संयुक्त निदेशक सदस्य सचिव होंगे।

तकनीक, संसाधन और वित्तीय जरूरतों का होगा आकलन

समिति सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना और सुदृढ़ीकरण के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, बुनियादी ढांचे के उन्नयन, अतिरिक्त विशेषज्ञ मानव संसाधन, उपकरण, प्रशिक्षण तथा वित्तीय आवश्यकताओं का आकलन करेगी। उसकी सिफारिशों के आधार पर प्रदेश में तृतीयक और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस पहल से चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ प्रशिक्षण और लक्षित चिकित्सा अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा।