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हिमाचल में आधुनिक इलाज का विस्तार: चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी, हर कॉलेज में 30 करोड़ की लैब

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 43 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इसके साथ ही प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड लैब स्थापित करने की योजना है। मेडिकल कॉलेजों में एमआरआई, 3 टेस्ला एमआरआई और अन्य आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

हमीरपुर

डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के नए अकादमिक ब्लॉक के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर भारत के किसी भी अस्पताल में इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सरकार का ध्यान नई चिकित्सा तकनीक को प्रदेश के अस्पतालों तक पहुंचाने पर है।

हर मेडिकल कॉलेज में बनेगी ऑटोमेटेड लैब

प्रदेश के प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड लैब स्थापित की जा रही है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में एमआरआई, 3 टेस्ला एमआरआई और अन्य आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मरीजों को आधुनिक जांच और उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत कम करना तथा उन्हें घर के नजदीक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।

हमीरपुर और नेरचौक की सुविधाओं पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा के बाद अब हमीरपुर और नेरचौक चिकित्सा महाविद्यालयों में भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार अपने संसाधनों से अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रही है। लक्ष्य है कि अगले दस वर्षों में हिमाचल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बने और दूसरे राज्यों से भी मरीज उपचार के लिए यहां आएं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के नए अकादमिक ब्लॉक का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक उपचार सुविधाओं के साथ चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर भी सरकार का ध्यान है। मेडिकल कॉलेजों में नई मशीनों और सुविधाओं के विस्तार के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशील तथा मरीज-केंद्रित व्यवहार को भी बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए जरूरी बताया गया है।

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