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हिमाचल में 60 लाख तक की सरकारी परियोजनाओं के लिए निर्माण सामग्री उपयोग की नई व्यवस्था लागू

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

प्रदेश सरकार ने सरकारी निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से खनन नियमों में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और हिमुडा को 60 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए निर्माण सामग्री उपयोग की अनुमति दी गई है।

शिमला

खनन नियमों में किया गया 10वां संशोधन

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश माइनर मिनरल्स नियम 2015 में 10वां संशोधन किया है। उद्योग विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश हाउसिंग एंड अर्बन डिवेलपमेंट अथॉरिटी (हिमुडा) को निर्माण कार्यों के लिए रेत, बजरी, पत्थर और रोड़ी जैसी खनिज सामग्री के उपयोग में प्रक्रिया संबंधी राहत दी गई है।

60 लाख रुपये तक के निर्माण कार्य होंगे शामिल

नई व्यवस्था के तहत 60 लाख रुपये तक की अनुमानित लागत वाले सरकारी निर्माण कार्य इस सुविधा के दायरे में आएंगे। सरकार के अनुसार संबंधित विभाग निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक खनिज सामग्री का उपयोग सीधे कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए विभागों को पहले निर्धारित रॉयल्टी, प्रोसेसिंग फीस और अन्य लागू शुल्क जमा करवाने होंगे। विभागों को निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक सामग्री की मात्रा का आकलन भी करना होगा।

निर्माण कार्यों में देरी कम करने का उद्देश्य

सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार पहले निर्माण सामग्री प्राप्त करने के लिए विभागों को विभिन्न अनुमतियों और औपचारिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, जिससे सड़कों, भवनों और पेयजल योजनाओं के कार्य प्रभावित होते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विभागों को निर्माण सामग्री समय पर उपलब्ध हो सकेगी, जिससे विकास कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा करने में सुविधा मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इसका लाभ विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं को मिलेगा।

नियमों के पालन और रिकॉर्ड बनाए रखने के निर्देश

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि खनिज सामग्री का उपयोग केवल सरकारी निर्माण कार्यों के लिए ही किया जाएगा। संबंधित विभागों को खनिज उपयोग का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करवानी होगी। सरकार ने यह भी कहा है कि अवैध खनन रोकथाम और निर्धारित नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को सभी प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य होगा।

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