हिमाचल के राशन डिपुओं में सरसों तेल की आपूर्ति लंबित, उपभोक्ताओं को बाजार पर निर्भर रहना पड़ रहा
प्रदेश के राशन डिपुओं में पिछले कई महीनों से रिफाइंड तेल की आपूर्ति प्रभावित रहने के बाद अब सरसों तेल की सप्लाई भी लंबित चल रही है। राज्य के लाखों उपभोक्ताओं को मई माह में भी डिपुओं से सरसों का तेल उपलब्ध नहीं हो पाया है, जिसके कारण लोगों को खुले बाजार से तेल खरीदना पड़ रहा है।
मंडी
राशन डिपुओं में सरसों तेल की आपूर्ति लंबित
हिमाचल प्रदेश के राशन डिपुओं में सरसों तेल की आपूर्ति लंबित रहने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भर उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार प्रदेश के डिपुओं में पिछले कई महीनों से रिफाइंड तेल की आपूर्ति पहले ही प्रभावित चल रही थी, जबकि अब मई माह समाप्त होने के करीब है और सरसों तेल की खेप भी डिपुओं तक नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को आवश्यक खाद्य तेल खुले बाजार से खरीदना पड़ रहा है।
प्रदेश में हर महीने होती है 26 लाख लीटर तेल की खपत
जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में हर महीने लगभग 26 लाख लीटर सरसों तेल की खपत होती है। प्रदेश में करीब 19 लाख से अधिक राशन कार्ड धारक परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन प्राप्त करते हैं। इस बार राशन डिपुओं में उपभोक्ताओं को उड़द दाल, चना दाल, मलका मसूर, चावल और आटा जैसी सामग्री उपलब्ध करवाई गई है, लेकिन खाद्य तेल की आपूर्ति नहीं हो पाई है।
खुले बाजार से खरीदना पड़ रहा खाद्य तेल
सरकारी डिपुओं में तेल उपलब्ध नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को खुले बाजार से अधिक कीमत पर खाद्य तेल खरीदना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं के अनुसार कई लोग लगातार डिपुओं के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन तेल की उपलब्धता को लेकर अभी तक स्पष्ट स्थिति नहीं बन पाई है। ग्रामीण और मध्यम आय वर्ग से जुड़े परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भेजी जाएगी खेप
संजीव वर्मा ने बताया कि सरसों तेल की खरीद से संबंधित टेंडर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही डिपुओं में तेल की खेप भेज दी जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी है।
