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एनएचएम ने हिमाचल के 12 जिलों के लिए स्वास्थ्य बजट जारी, चिकित्सा सेवाओं और प्रशिक्षण पर रहेगा फोकस

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 25 Jul 2026 • 1 Min Read

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों को स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु बजट आवंटित कर दिया है। बजट का उपयोग चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल हेल्थ, स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर किया जाएगा।

धर्मशाला

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट आवंटित

हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु बजट जारी किया गया है। इस बजट का उद्देश्य प्रदेश में आम जनता को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही स्वास्थ्य योजनाओं की प्रभावी निगरानी, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा चिकित्सा संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कांगड़ा को सर्वाधिक 274.68 करोड़ रुपये का आवंटन

जारी बजट में कांगड़ा जिले को सबसे अधिक 274.68 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके बाद मंडी को 220.70 करोड़ रुपये और शिमला को 193.55 करोड़ रुपये का बजट मिला है। अन्य जिलों में चंबा को 122.22 करोड़ रुपये, सिरमौर को 114.25 करोड़ रुपये, सोलन को 111.90 करोड़ रुपये, हमीरपुर को 106.31 करोड़ रुपये तथा ऊना को 101.14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा बिलासपुर को 93.77 करोड़ रुपये, कुल्लू को 93.07 करोड़ रुपये, किन्नौर को 37.33 करोड़ रुपये और लाहौल-स्पीति को 25.32 करोड़ रुपये का मुख्य बजट प्रदान किया गया है।

स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए अलग बजट

मुख्य बजट के अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मियों के क्षमता निर्माण और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के प्रशिक्षण के लिए अलग से धनराशि स्वीकृत की गई है। इस मद में शिमला को 120.21 लाख रुपये का सर्वाधिक प्रशिक्षण बजट मिला है। कांगड़ा को 95.73 लाख रुपये, मंडी को 86.17 लाख रुपये, कुल्लू को 50.53 लाख रुपये, चंबा को 50.39 लाख रुपये, सोलन को 49.89 लाख रुपये और हमीरपुर को 47.87 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं ऊना को 45.85 लाख रुपये, सिरमौर को 43.71 लाख रुपये, बिलासपुर को 43.37 लाख रुपये, किन्नौर को 27.77 लाख रुपये तथा लाहौल-स्पीति को 20.83 लाख रुपये प्रशिक्षण मद के अंतर्गत दिए गए हैं।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं और प्रशिक्षण पर होगा खर्च

कांगड़ा के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने बताया कि एनएचएम के तहत प्राप्त बजट का उपयोग मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने, डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का प्रशिक्षण देने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बजट के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन और जिला स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

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