हिमाचल में 51 शहरी निकायों में चुनाव का एलान: आचार संहिता लागू, 17 मई को मतदान
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में शहरी निकायों और नगर निगमों के चुनावों का एलान हो गया है और 51 नगर निकायों में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। मतदान 17 मई को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा और नगर पंचायत व नगर परिषद की मतगणना उसी दिन होगी।
शिमला
हिमाचल प्रदेश में शहरी निकायों और नगर निगमों के चुनावों का एलान हो गया है। इसके साथ ही 51 नगर निकायों (सोलन, धर्मशाला, पालमपुर और मंडी नगर निगम, 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायत) में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। चुनाव आयोग के अनुसार इन चुनावों के लिए मतदान 17 मई को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा। नगर पंचायत व नगर परिषद के चुनाव की उसी दिन मतगणना हो जाएगी। नगर निगम की मतगणना 31 मई को होगी।राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि पंचायत चुनाव का एक सप्ताह के भीतर एलान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग के बीच कोई टकराव नहीं है। उन्होंने साफ किया 31 मई से पूर्व ही पंचायत चुनाव भी करवा दिए जाएंगे, इसलिए निकायों की मतगणना 31 मई को रखी गई है।
शहरी निकाय चुनाव कार्यक्रम के तहत नामांकन प्रक्रिया 29 अप्रैल, 30 अप्रैल और 2 मई को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगी। नामांकन पत्रों की जांच 4 मई को सुबह 10 बजे होगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 6 मई तय की गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनावों का शेड्यूल अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन एक सप्ताह के भीतर इसकी घोषणा कर दी जाएगी।इस बार चुनाव के लिए 1806 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग सहायक मतदान केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मतदाता सूची के अनुसार 1,80,963 पुरुष और 1,79,882 महिला मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि 1808 युवा पहली बार मतदान करेंगे, जिनमें 961 पुरुष और 847 महिला शामिल हैं।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल वही मतदाता वोट डाल सकेंगे, जिनका नाम राज्य निर्वाचन आयोग की सूची में दर्ज है। मतदान के लिए 16 प्रकार के पहचान पत्र मान्य होंगे। खर्च सीमा भी निर्धारित कर दी गई है। नगर निगम चुनाव में प्रत्याशी अधिकतम 1 लाख रुपये, नगर परिषद में 75 हजार रुपये और नगर पंचायत में 50 हजार रुपये तक ही खर्च कर सकेंगे। आचार संहिता के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।चुनाव प्रणाली की बात करें तो नगर निगमों में चुनाव पार्टी आधार पर होंगे, जबकि नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव पार्टी चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़े जाएंगे।