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हिमाचल में धान बीज पर नहीं मिलेगी सब्सिडी, 229 रुपये प्रति किलो तक पहुंची कीमत

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष धान के बीज पर सरकारी सब्सिडी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिसके चलते किसानों को पिछले वर्ष की तुलना में अधिक कीमत पर बीज खरीदना पड़ रहा है। सरकारी वितरण केंद्रों पर धान की सीमित किस्म उपलब्ध होने के कारण कई किसान निजी विक्रेताओं का रुख कर रहे हैं।

धर्मशाला

धान बीज की कीमत में बढ़ोतरी

धान की बुवाई की तैयारियों के बीच किसानों को इस वर्ष बीज खरीद पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार सरकारी वितरण केंद्रों पर धान के बीज पर इस बार किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी जा रही है। इसके चलते किसानों को बीज की पूरी कीमत चुकानी पड़ रही है। पिछले वर्ष सब्सिडी मिलने के कारण बीज अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध था, जबकि इस बार कीमत बढ़कर 229 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।

पिछले वर्ष मिल रही थी सब्सिडी

पिछले वर्ष सरकार की ओर से धान के बीज पर लगभग 50 प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध कराई गई थी। इसी कारण किसानों को बीज 120 से 130 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास प्राप्त हो रहा था। इस वर्ष सब्सिडी बंद होने के बाद किसानों को बीज की पूरी लागत वहन करनी पड़ रही है। कृषि कार्यों की तैयारी में जुटे किसानों के लिए यह अतिरिक्त खर्च खेती की कुल लागत को प्रभावित करने वाला कारक माना जा रहा है।

सरकारी केंद्रों पर सीमित किस्म उपलब्ध

किसानों के अनुसार सरकारी वितरण केंद्रों पर वर्तमान में केवल स्टार-795 किस्म का बीज उपलब्ध है। दूसरी ओर पंजीकृत निजी विक्रेताओं के पास 100, 807 और 90103 सहित विभिन्न किस्मों के बीज उपलब्ध हैं। किसान अपनी भूमि, जलवायु और उत्पादन आवश्यकताओं के अनुसार बीज का चयन करते हैं, ऐसे में सीमित विकल्प उपलब्ध होने से कई किसानों को निजी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

किसानों ने रखी अपनी बात

धर्मशाला क्षेत्र के किसान अर्जित, लोहित, रविकांत, ज्ञानी सिंह और पवन ने बताया कि धान की बुवाई से पहले बीज की कीमतों में वृद्धि और सब्सिडी का लाभ न मिलने से खेती की लागत बढ़ी है। उनका कहना है कि बीज की उपलब्धता और कीमत दोनों ही किसानों के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं, क्योंकि इनका सीधा प्रभाव कृषि उत्पादन की लागत पर पड़ता है। किसानों ने उम्मीद जताई कि आगामी समय में बीज उपलब्धता और लागत से जुड़े विषयों पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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