बैजनाथ
शिक्षा , रोजगार और विकास की दिशा में बड़े कदम,सरकारी क्षेत्र में 25,000 पदों की भर्ती
Himachal Pradesh Statehood Day : कांगड़ा जिले के बैजनाथ में शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस का भव्य राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट की सलामी ली। इस ऐतिहासिक मौके पर सीएम ने कई अहम घोषणाएं कीं, जिनमें सरकारी क्षेत्र में 25,000 पदों की भर्ती और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधार शामिल हैं।
सरकारी नौकरियों और शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 2025 के अंत तक 8,000 पद भरे जाएंगे, जिनमें 245 स्पेशल एजुकेटर और 6,000 एनटीटी शिक्षक शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त सरकारी क्षेत्र में कुल 25,000 विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
स्वास्थ्य और पर्यटन को बढ़ावा
सीएम ने घोषणा की कि शिमला के आईजीएमसी में दो महीने के भीतर पेट स्कैन मशीन स्थापित की जाएगी। इसके अलावा, धर्मशाला में भारत का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। तत्तवानी के गर्म पानी के स्रोत को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
रोपवे और हेलीपोर्ट प्रोजेक्ट
सरकार शिमला में 1,600 करोड़ रुपये की लागत से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रोपवे बना रही है। इसके अलावा, 16 हेलीपोर्ट्स का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, जो राज्य की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगे।
अन्य विकास परियोजनाएं
- पपरोला-बैजनाथ बाईपास रोड: विनवा नदी पर पुल का निर्माण।
- खीर गंगा घाट का विकास: इसे मिनी हरिद्वार के रूप में विकसित किया जाएगा।
- बैजनाथ कॉलेज में नए विषय: राजनीति विज्ञान और समाज शास्त्र में एमए की शुरुआत।
- चरागाहों का विकास: भेड़-बकरी पालकों के चरागाहों को सुरक्षित करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे।
विकास कार्यों के शिलान्यास और उद्घाटन
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 70.26 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें बीड़ में 9 करोड़ रुपये की लागत से बने एशिया के पहले पैराग्लाइडिंग स्कूल, पैराग्लाइडिंग लैंडिंग साइट के पास 5 करोड़ की दो पार्किंग और 9.23 करोड़ के बीड़ विद्युत सब-स्टेशन का उद्घाटन शामिल हैं।
कर्मचारी और पेंशनरों के लिए कोई घोषणा नहीं
हालांकि, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को चार प्रतिशत महंगाई भत्ते की उम्मीद थी, लेकिन इस बारे में कोई घोषणा नहीं हुई , जिससे कर्मचारियों में निराशा देखी गई।

