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हिमाचल के 29 हजार से अधिक सरकारी दफ्तरों में लगाए गए प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश में आरडीएसएस योजना के तहत 29 हजार से अधिक सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर स्थापित किए गए हैं। बिजली बोर्ड के अनुसार इस व्यवस्था से बिजली खपत की निगरानी, ऑनलाइन रिचार्ज और बिल प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा।

शिमला

सरकारी कार्यालयों में लागू की गई प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था

हिमाचल प्रदेश में पुनर्निर्मित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट बिजली मीटरों को प्रीपेड प्रणाली से जोड़ा गया है। राज्य बिजली बोर्ड ने प्रदेश के 29 हजार से अधिक सरकारी कार्यालयों में यह व्यवस्था स्थापित कर दी है। इसके बाद संबंधित कार्यालयों में मोबाइल रिचार्ज की तर्ज पर बिजली उपयोग के लिए अग्रिम रिचार्ज सुविधा लागू हो गई है। अधिकारियों के अनुसार इस प्रणाली का उद्देश्य बिजली खपत को व्यवस्थित करना और ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है।

बिजली बोर्ड ने अपने कार्यालयों से शुरू की थी व्यवस्था

बिजली बोर्ड ने इस योजना की शुरुआत अपने कार्यालयों से की थी। प्रारंभिक चरण में लगभग 1500 कार्यालयों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू की गई, जिसके बाद इसे अन्य सरकारी विभागों तक विस्तारित किया गया। अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था के तहत बिजली उपयोग का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा, जिससे प्रत्येक कार्यालय की वास्तविक खपत का आकलन किया जा सकेगा।

स्मार्ट मीटरों में उपलब्ध होंगी कई डिजिटल सुविधाएं

प्रीपेड स्मार्ट मीटरों के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग, ऑनलाइन रिचार्ज, दैनिक बिजली खपत का रिकॉर्ड और अलर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे विभागों को अपनी बिजली उपयोग की जानकारी नियमित रूप से मिल सकेगी। बिजली बोर्ड का कहना है कि इस व्यवस्था से बकाया बिलों की समस्या में भी कमी आएगी, क्योंकि नई प्रणाली में पहले भुगतान और बाद में बिजली उपयोग का प्रावधान रखा गया है।

बिजली खपत की डिजिटल निगरानी पर रहेगा फोकस

सरकारी विभागों में अनावश्यक बिजली खपत को नियंत्रित करने के उद्देश्य से इस प्रणाली को लागू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार कई बार कार्यालयों में कार्य समाप्त होने के बाद भी बिजली उपकरण चालू रहने से अतिरिक्त खपत होती थी। अब स्मार्ट मीटर प्रणाली के माध्यम से हर यूनिट की डिजिटल निगरानी संभव होगी और विभागों को वास्तविक उपयोग के आधार पर बिजली प्रबंधन में सहायता मिलेगी।