हिमाचल में 1052 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित, 131 को गोल्ड और 233 को सिल्वर स्टेटस
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या पहली बार 1000 के आंकड़े को पार करते हुए 1052 तक पहुंच गई है, जो राज्य में चल रहे स्वास्थ्य अभियानों की प्रगति को दर्शाता है। इस उपलब्धि के तहत कुल 131 पंचायतों को गोल्ड और 233 पंचायतों को सिल्वर स्टेटस प्रदान किया गया है, जबकि प्रदेश के विभिन्न जिलों में पंचायतों के प्रदर्शन के आधार पर यह आंकड़े अलग-अलग स्तर पर सामने आए हैं।
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टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
प्रदेश की कुल 3613 पंचायतों में से 1052 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस बार पहली बार टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या एक हजार से अधिक पहुंची है, जिससे यह संकेत मिलता है कि राज्य में टीबी उन्मूलन के लिए चल रहे कार्यक्रमों का असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों और निगरानी के कारण यह प्रगति दर्ज की गई है।
गोल्ड और सिल्वर स्टेटस का निर्धारण
टीबी मुक्त पंचायतों में से 364 पंचायतों को विशेष श्रेणी में शामिल किया गया है, जिनमें 131 पंचायतों को गोल्ड और 233 पंचायतों को सिल्वर स्टेटस दिया गया है। यह स्टेटस पंचायतों द्वारा तय मानकों को पूरा करने और टीबी नियंत्रण से जुड़े मानदंडों के आधार पर निर्धारित किया गया है। इससे पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और जागरूकता का आकलन भी किया जा सकता है।
कांगड़ा जिला प्रदर्शन में अग्रणी
जिला कांगड़ा पंचायतों की संख्या के लिहाज से सबसे आगे रहा है, जहां 814 पंचायतों में से 287 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई हैं। इनमें 37 पंचायतों को गोल्ड और 69 पंचायतों को सिल्वर स्टेटस प्राप्त हुआ है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में टीबी नियंत्रण को लेकर कार्य व्यवस्थित तरीके से किया गया है और पंचायत स्तर पर इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
ऊना और शिमला जिलों की स्थिति
जिला ऊना की 245 पंचायतों में से 158 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई हैं, जिनमें 27 पंचायतों को गोल्ड और 44 को सिल्वर स्टेटस मिला है। वहीं, शिमला जिले की 412 पंचायतों में से 141 पंचायतें टीबी मुक्त हुई हैं, जिनमें 23 पंचायतों को गोल्ड और 34 को सिल्वर स्टेटस प्राप्त हुआ है। इन जिलों में भी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत निरंतर कार्य किया गया है।
अन्य जिलों का प्रदर्शन
मंडी जिले में 557 पंचायतों में से 77 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हुई हैं, जिनमें पांच पंचायतों को गोल्ड और 14 को सिल्वर स्टेटस मिला है। कुल्लू की 235 पंचायतों में से 35 पंचायतें, सिरमौर की 259 में से 41 पंचायतें और सोलन जिले की 240 में से 44 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई हैं। इन जिलों में भी टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रगति दर्ज की गई है, हालांकि पंचायतों की संख्या अन्य जिलों की तुलना में कम रही है।
प्रदेश स्तर पर कुल स्थिति
प्रदेश भर में 3613 पंचायतों में से 1052 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई हैं। इनमें 131 पंचायतें गोल्ड और 233 पंचायतें सिल्वर स्टेटस में शामिल हैं। यह आंकड़े राज्य में चल रहे स्वास्थ्य अभियानों के प्रभाव और पंचायत स्तर पर उनके क्रियान्वयन को दर्शाते हैं।