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Crime / वर्ष 2022 के हत्या मामले में दोषी को आजीवन कारावास, अदालत ने जुर्माना भी किया निर्धारित

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Crime : वर्ष 2022 में शिमला जिले में दर्ज हत्या के मामले में विशेष अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कारावास के साथ आर्थिक दंड भी लगाया है, जबकि पुलिस ने मामले में साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पैरवी की जानकारी दी है।

शिमला

2022 में दर्ज हुआ था हत्या का मामला

शिमला जिले में वर्ष 2022 में दर्ज हत्या के एक मामले में विशेष अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। पुलिस के अनुसार मामला थाना ढली में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 324 के तहत दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयान तथा अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर मामले की जांच पूरी की। जांच में आरोपी रामेश्वर, पुत्र स्वर्गीय बिहारी लाल, निवासी गांव थूंड, डाकघर सतलाई, तहसील जुंगा, जिला शिमला की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।

साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाया फैसला

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य, गवाहों के बयान और जांच से संबंधित अन्य प्रमाण प्रस्तुत किए। सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विशेष न्यायाधीश, शिमला ने मंगलवार को आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। पुलिस ने बताया कि मामले में की गई वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच के आधार पर अभियोजन पक्ष अदालत के समक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा।

आजीवन कारावास के साथ लगाया गया जुर्माना

अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आरोपी को आजीवन कारावास तथा 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि यदि आरोपी निर्धारित जुर्माना जमा नहीं करता है तो उसे छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके अतिरिक्त धारा 324 के तहत आरोपी को दो वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

गंभीर मामलों में प्रभावी जांच पर पुलिस का जोर

जिला शिमला पुलिस ने कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में निष्पक्ष, वैज्ञानिक और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार घटनास्थल से साक्ष्यों के प्रभावी संकलन, तकनीकी जांच और न्यायालय में सुदृढ़ पैरवी के माध्यम से दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने की दिशा में कार्य जारी रहेगा। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने और गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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