मजदूर के खाते में करोड़ों का लेन-देन, जिला प्रशासन ने शुरू की गहन जांच
सनवाल पंचायत में भारी वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की सनवाल पंचायत में एक चौंकाने वाला वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसमें मात्र एक खच्चर के नाम पर 1.53 करोड़ रुपये की रकम भुगतान के रूप में वेंडर को ट्रांसफर की गई। मामले के उजागर होते ही प्रशासन हरकत में आ गया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
जांच के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित
इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत अधिकारी को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, एक विशेष जिलास्तरीय कमेटी गठित की गई है जो इस वित्तीय गड़बड़ी की गहनता से पड़ताल करेगी। एडीएम चंबा अमित मेहरा ने पुष्टि करते हुए बताया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद खुला मामला
सनवाल पंचायत के ग्रामीणों ने इस बड़े घोटाले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों और वेंडरों द्वारा विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये के गोलमाल का आरोप लगाया गया था। जब पुलिस ने मामले की छानबीन की, तो पाया कि बीपीएल श्रेणी के एक वेंडर के खाते में 1.53 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि संबंधित वेंडर के पास केवल एक खच्चर था, जिसका उपयोग कथित रूप से निर्माण सामग्री ढोने के लिए किया गया था।
पहले भी सामने आ चुके हैं घोटाले
सनवाल पंचायत में यह कोई पहला घोटाला नहीं है। इससे पहले यहां सरकारी फंड से सेब के पौधे लगाने और सरकारी सीमेंट की आपूर्ति में भी हेराफेरी की घटनाएं सामने आई थीं। अब इस नए घोटाले ने प्रशासन की पारदर्शिता और पंचायत की वित्तीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार की सख्ती और आगामी कार्रवाई
प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपी जाए। यदि जांच में पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य अधिकारियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, भविष्य में वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नए नियम लागू किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है।

