कंपार्टमेंट परीक्षा के प्रश्नपत्र में बड़ा ब्लंडर! 60 में से 25 अंक के प्रश्न बताए जा रहे आउट ऑफ सिलेबस
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की जमा एक कंपार्टमेंट परीक्षा के फिजिकल एजुकेशन प्रश्नपत्र में गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। छात्रों का कहना है कि 60 अंकों में से 25 अंक के प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस पूछे गए और एमसीक्यू व क्रम संख्या में भी त्रुटियां रहीं। छात्रों ने जांच की मांग की है जबकि शिक्षा बोर्ड ने आपत्तियां मांगी हैं और जांच का आश्वासन दिया है।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित जमा एक की कंपार्टमेंट परीक्षा का फिजिकल एजुकेशन प्रश्नपत्र गंभीर विवादों में घिर गया है। प्रदेशभर में चल रही इन परीक्षाओं के बीच प्रश्नपत्र में कथित तौर पर हुई बड़ी अकादमिक और तकनीकी चूक ने शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रभावित छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।जानकारी के अनुसार यह परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जा रही है, जो मार्च में हुई वार्षिक परीक्षा में फिजिकल एजुकेशन विषय में अनुत्तीर्ण हो गए थे और जिन्हें कंपार्टमेंट परीक्षा के माध्यम से दोबारा उत्तीर्ण होने का अवसर दिया गया है। आरोप है कि 60 अंकों के इस प्रश्नपत्र में 25 अंकों के प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर पूछ लिए गए।
छात्रों के अनुसार प्रश्न क्रमांक 21, 22, 23, 26 और 27 ऐसे पूछे गए, जो जमा एक के बजाय जमा दो के स्तर और पाठ्यक्रम से संबंधित हैं। उनका कहना है कि कंपार्टमेंट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में उच्च कक्षा के प्रश्न पूछे जाने से उनका भविष्य प्रभावित हुआ है।विवाद केवल यहीं तक सीमित नहीं है। छात्रों का आरोप है कि बहुविकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) के भाग में भी गंभीर गड़बड़ी रही। प्रश्नपत्र में 16 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए, जबकि अंक केवल 12 प्रश्नों के निर्धारित किए गए। ऐसे में चार प्रश्नों के अंक किस आधार पर तय किए जाएंगे, यह स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा कई प्रश्नों में क्रम संख्या अंकित नहीं होने से उत्तरों का क्रम भी प्रभावित हुआ और परीक्षार्थियों को भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ा।
नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर कई विद्यार्थियों ने बताया कि कंपार्टमेंट परीक्षा उनके लिए वर्ष बचाने का अंतिम अवसर थी, लेकिन प्रश्नपत्र में हुई कथित त्रुटियों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। छात्रों ने मांग की है कि विवादित प्रश्नों की विशेषज्ञ समिति से जांच कराई जाए और जिन अभ्यर्थियों का नुकसान हुआ है, उन्हें न्याय दिलाया जाए।इस पूरे घटनाक्रम ने प्रश्नपत्र तैयार करने, मॉडरेशन और अंतिम जांच प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा जगत में भी इस बात को लेकर चर्चा है कि यदि आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न, गलत क्रमांकन और अंकन जैसी त्रुटियां एक साथ सामने आई हैं तो यह गंभीर प्रशासनिक चूक का मामला है।
शिक्षा बोर्ड सचिव विशाल शर्मा का पक्ष
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव विशाल शर्मा ने कहा कि यदि विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र के किसी प्रश्न पर आपत्ति है या उन्हें लगता है कि कोई प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर है, तो वे इसकी जानकारी बोर्ड को दें। बोर्ड पूरे मामले की जांच करेगा। यदि जांच में छात्रों की आपत्ति सही पाई जाती है तो संबंधित स्कूलों को निर्देश जारी किए जाएंगे कि प्रभावित विद्यार्थियों को नियमानुसार ग्रेस अंक प्रदान किए जाएं।अब इस पूरे मामले में शिक्षा बोर्ड की जांच और उसके निर्णय पर प्रदेशभर के विद्यार्थियों व अभिभावकों की नजरें टिकी हुई हैं।
