Crime / प्रतिबंधित सीजन में अवैध मछली बिक्री पर मत्स्य विभाग की कार्रवाई, पांच मामलों में 8 हजार रुपये जुर्माना
Crime : प्रतिबंधित (क्लोज) सीजन के दौरान जिला ऊना में मत्स्य विभाग ने अवैध रूप से मछली बेचने के मामलों पर कार्रवाई करते हुए पांच प्रकरणों में कुल 8 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है। विभाग ने कहा है कि प्रजनन काल के दौरान मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे और नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ऊना
निरीक्षण अभियान में सामने आए पांच मामले
जिला ऊना में मत्स्य विभाग ने क्लोज सीजन के दौरान अवैध रूप से मछली बिक्री रोकने के लिए विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक विवेक शर्मा ने बताया कि विभाग के विशेष दस्ते ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मछली विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अभियान के दौरान नियमों के उल्लंघन के पांच मामले पाए गए, जिनमें मौके पर ही नियमानुसार कुल 8 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
प्रजनन काल को देखते हुए लागू है क्लोज सीजन
सहायक निदेशक विवेक शर्मा ने बताया कि वर्तमान में मछलियों का प्रजनन काल चल रहा है, जिसे देखते हुए क्लोज सीजन लागू किया गया है। इस अवधि में मत्स्य संसाधनों के संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन प्रक्रिया को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से मछली पकड़ने और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य मत्स्य उत्पादन को दीर्घकालीन रूप से सुरक्षित रखना और जलाशयों में प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना है।
नियमों के पालन की अपील
विवेक शर्मा ने कहा कि मत्स्य संसाधनों के संरक्षण में नागरिकों, व्यापारियों और मछली विक्रेताओं की सहभागिता महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से क्लोज सीजन के दौरान निर्धारित नियमों का पूर्ण रूप से पालन करने की अपील की। विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध अवधि के दौरान अवैध मछली पकड़ने या बिक्री से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रहेंगे प्रवर्तन अभियान
मत्स्य विभाग के अनुसार जिले में अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने बताया कि भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान जारी रहेंगे ताकि प्रतिबंध अवधि के दौरान नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध निर्धारित प्रावधानों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
