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एचपीटीडीसी होटलों के निजीकरण पर भाजपा का हमला, कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना

PRIYANKA THAKUR • 2 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

एचपीटीडीसी होटलों के संभावित निजीकरण को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे दोहरी नीति करार दिया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी संस्थानों को कमजोर कर निजीकरण का रास्ता तैयार किया जा रहा है। इस मुद्दे पर भाजपा ने विरोध तेज करने और आंदोलन की चेतावनी दी है।

शिमला

हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के होटलों को निजी हाथों में सौंपे जाने की चर्चाओं के बीच भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सहजल और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस सरकार पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है और सरकार के भीतर तालमेल नाम की कोई चीज नहीं बची है।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि एक ओर एचपीटीडीसी के अध्यक्ष आरएस बाली की ओर से यह कहा जा रहा है कि उन्हें होटलों के निजीकरण की जानकारी नहीं है, जबकि दूसरी ओर सार्वजनिक स्तर पर यह संकेत मिल रहे हैं कि सरकार इन होटलों को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया में आगे बढ़ रही है। भाजपा ने इसे सरकार की “दोहरी नीति” और “भ्रम की राजनीति” करार दिया है।

‘एक ही मुद्दे पर अलग-अलग बयान, सरकार में तालमेल नहीं’ — डॉ. राजीव सहजल

डॉ. राजीव सहजल ने कहा कि एचपीटीडीसी के होटल प्रदेश के पर्यटन ढांचे की महत्वपूर्ण धुरी रहे हैं और इन्हें घाटे का हवाला देकर निजी हाथों में देना प्रदेश की सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने जैसा कदम होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार प्रदेश की परिसंपत्तियों को बचाने के बजाय उन्हें धीरे-धीरे निजी क्षेत्र के हवाले करने की दिशा में काम कर रही है।

‘संस्थानों को कमजोर कर निजीकरण का रास्ता खोला जा रहा’ — संदीपनी भारद्वाज

वहीं, संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस सरकार पहले सरकारी संस्थानों को कमजोर करती है, फिर उन्हें घाटे में दिखाकर निजीकरण का रास्ता तैयार करती है। उन्होंने इस प्रक्रिया को केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि “सोची-समझी रणनीति” बताया।

भाजपा का आरोप है कि इस तरह के फैसले प्रदेश के संसाधनों और सार्वजनिक हितों पर दीर्घकालिक असर डाल सकते हैं।भाजपा नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार एचपीटीडीसी होटलों के रखरखाव, निर्माण और मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तो फिर उन्हीं संपत्तियों को निजी हाथों में देने की चर्चा क्यों हो रही है। उनके अनुसार यह स्थिति सरकार की नीयत और नीति दोनों पर सवाल खड़े करती है।भाजपा ने इस पूरे मामले को “विकास नहीं, विनाश का मॉडल” बताते हुए कहा कि प्रदेश की संपत्तियों को बचाने के बजाय उन्हें बेचने की मानसिकता अपनाई जा रही है।

पार्टी का कहना है कि यदि इस तरह के कदमों पर रोक नहीं लगी, तो इसका असर केवल पर्यटन क्षेत्र पर ही नहीं, बल्कि सरकारी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं पर भी पड़ेगा।अंत में डॉ. राजीव सहजल और संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और यदि सरकार ने एचपीटीडीसी होटलों के निजीकरण की दिशा में कदम पीछे नहीं खींचे, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी इस फैसले का जोरदार विरोध करेगी और सरकार की नीतियों को जनता के सामने उजागर करेगी।

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