एचपीयू ने 120 प्राध्यापकों को पीएचडी सुपरवाइजर बनाया, कॉलेज स्तर पर शोध मार्गदर्शन की व्यवस्था लागू
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने 120 प्राध्यापकों को पीएचडी सुपरवाइजर के रूप में मान्यता देते हुए कॉलेज स्तर पर शोध मार्गदर्शन की व्यवस्था लागू की है। इसके साथ ही पीएचडी कोर्स वर्क के परिणाम भी घोषित किए गए हैं, जिनमें सभी विषयों में 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज हुआ है।
शिमला
एनईपी 2020 के तहत लिया गया निर्णय
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के 100 सरकारी कॉलेजों के 120 प्राध्यापकों को पीएचडी सुपरवाइजर के रूप में मान्यता प्रदान की है। यह व्यवस्था विश्वविद्यालय द्वारा जारी सूची के साथ प्रभावी हो चुकी है और चयनित प्राध्यापक अब औपचारिक रूप से शोधार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। यह निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप लिया गया है, जिसमें शोध और नवाचार को संस्थागत स्तर तक विस्तारित करने पर विशेष जोर दिया गया है। पहले पीएचडी सुपरविजन केवल विश्वविद्यालय के विभागों तक सीमित था, लेकिन अब कॉलेजों को भी इस प्रक्रिया में शामिल कर दिया गया है।
योग्यता के आधार पर चयन और प्रक्रिया
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं प्राध्यापकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्होंने निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, शोध प्रकाशनों और अनुभव से जुड़े मानकों को पूरा किया है। इसके लिए स्क्रीनिंग और मूल्यांकन की विस्तृत प्रक्रिया अपनाई गई, जिसके बाद अंतिम सूची जारी की गई। इस निर्णय के बाद प्रदेश में पीएचडी मार्गदर्शन की उपलब्धता में वृद्धि दर्ज की गई है और शोधार्थियों को अपने निकटतम कॉलेजों में ही सुपरवाइजर मिलने की सुविधा मिल रही है, जिससे विश्वविद्यालय परिसरों पर निर्भरता कम हुई है।
शोधार्थियों और शिक्षकों पर प्रभाव
इस व्यवस्था के लागू होने से शोधार्थियों के लिए दाखिला, मार्गदर्शन और शैक्षणिक संपर्क की प्रक्रिया अधिक सरल हो गई है। विभिन्न विषयों में नए पंजीकरण बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे शोध गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। वहीं प्राध्यापकों के स्तर पर भी अकादमिक गतिविधियों में सक्रियता बढ़ी है, क्योंकि सुपरविजन की जिम्मेदारी मिलने के साथ वे शोध परियोजनाओं, प्रकाशनों और अन्य अकादमिक कार्यों में अधिक भागीदारी कर रहे हैं। इससे कॉलेज स्तर पर शोध संरचना मजबूत होने की दिशा में कार्य हो रहा है।
कोटशेरा कॉलेज में अधिकतम चयन, परिणाम भी घोषित
राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा के 11 प्राध्यापकों को पीएचडी सुपरवाइजर की मान्यता मिली है, जो जीव विज्ञान, संगीत, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, रसायन विज्ञान, गणित, इतिहास, हिंदी और कंप्यूटर विज्ञान जैसे विषयों से संबंधित हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने मार्च 2026 में आयोजित पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षाओं के परिणाम भी घोषित कर दिए हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल के अनुसार फिजिकल एजुकेशन, समाजशास्त्र, वाणिज्य, इतिहास, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र और शिक्षा विषयों में शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया है। परीक्षार्थी अपने लॉगइन आईडी के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल और विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर परिणाम देख सकते हैं।