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आईआईएम सिरमौर का 10वां दीक्षांत समारोह संपन्न, अनुशासन और उत्कृष्टता की मिसाल

PRIYANKA THAKUR • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / सिरमौर

आईआईएम सिरमौर का 10वां दीक्षांत समारोह धौला कुआं परिसर में गरिमामय और अनुशासित माहौल में आयोजित किया गया। इस दौरान 340 से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न प्रबंधन पाठ्यक्रमों में डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में अनुशासन और उत्कृष्ट प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

धौला कुआं

भारतीय प्रबंध संस्थान सिरमौर का 10वां दीक्षांत समारोह रविवार को धौला कुआं स्थित स्थायी परिसर में गरिमामय और अनुशासित माहौल में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न मनाया गया, बल्कि विद्यार्थियों ने पूरे आयोजन को अनुशासन और उत्कृष्ट प्रस्तुति के साथ पेश कर एक मिसाल भी कायम की।समारोह में टाटा ट्रस्ट्स के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा मुख्य अतिथि रहे, जबकि बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष अजय एस. श्रीराम ने अध्यक्षता की। संस्थान के निदेशक डॉ. प्रफुल्ल वाई. अग्निहोत्री ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

इस दौरान कुल 340 से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न प्रबंधन पाठ्यक्रमों में डिग्रियां प्रदान की गईं। एमबीए कार्यक्रम में केशव जसवाल को प्रथम स्थान पर चेयरमैन गोल्ड मेडल और यश मुनोट को द्वितीय स्थान के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।निदेशक ने बताया कि संस्थान ने प्लेसमेंट के क्षेत्र में भी मजबूत प्रदर्शन किया है, जहां 400 से अधिक कंपनियों ने भागीदारी की और औसत पैकेज 15.9 लाख रुपये वार्षिक रहा।

मुख्य अतिथि सिद्धार्थ शर्मा ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “आज की डिग्री केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की शुरुआत है। असली परीक्षा अब शुरू होती है, जब आपको अपने ज्ञान को समाज के हित में बदलना होगा। बड़े सपने देखिए, लेकिन जड़ों से जुड़े रहिए—क्योंकि असली नेतृत्व वही है, जो सफलता के साथ संवेदनशीलता भी लेकर चलता है।”उन्होंने कहा कि युवाओं को हर चुनौती को अवसर की तरह लेना चाहिए और ईमानदारी व मूल्यों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए।

कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि पूरे आयोजन में विद्यार्थियों का अनुशासन, संयम और व्यवस्थित संचालन देखने को मिला, जो उनके प्रबंधन प्रशिक्षण की झलक पेश करता है।समारोह के साथ ही आईआईएम सिरमौर ने अपने दस वर्ष पूरे करते हुए अगले दशक के लिए वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण में योगदान की प्रतिबद्धता दोहराई।