देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, रेलवे के विद्युतीकरण और ऊर्जा सुरक्षा पर रखी बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाते हुए भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, विद्युतीकरण और ऊर्जा सुरक्षा पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने अपने संबोधन में अमेरिका-ईरान संघर्ष के संदर्भ में कहा कि व्यापक रेल विद्युतीकरण के कारण वैश्विक परिस्थितियों का भारतीय रेलवे संचालन पर सीमित प्रभाव पड़ा है।
हरियाणा
जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय रेलवे में आधुनिक तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और भविष्य की परिवहन प्रणाली पर सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रेलवे क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विकास के साथ नई तकनीकों को अपनाने पर लगातार कार्य किया जा रहा है। उनके अनुसार हाइड्रोजन आधारित रेल प्रणाली पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इससे भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।
अमेरिका-ईरान संघर्ष का किया उल्लेख, ऊर्जा सुरक्षा पर रखी बात
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि वर्ष 2014 से पहले जैसी स्थिति होती, जब भारतीय रेलवे का बड़ा हिस्सा डीजल इंजनों पर निर्भर था, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में रेलवे संचालन पर असर पड़ सकता था। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में रेलवे के व्यापक विद्युतीकरण के कारण वर्तमान परिस्थितियों में भी भारतीय रेलवे का संचालन सामान्य रूप से जारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि समय रहते ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों और विद्युतीकरण पर ध्यान देने से रेलवे की परिचालन क्षमता मजबूत हुई है।
मिडिल-ईस्ट की परिस्थितियों के बीच रेलवे संचालन का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के लगभग 99 प्रतिशत रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है, जबकि हरियाणा में रेल नेटवर्क का शत-प्रतिशत बिजलीकरण हो चुका है। उन्होंने कहा कि रेलवे के बिजली आधारित संचालन के कारण वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित होने जैसी परिस्थितियों का भारतीय रेलवे पर सीमित प्रभाव पड़ा है और रेल सेवाओं की निरंतरता बनी रही। उनके अनुसार रेलवे के आधुनिकीकरण ने देश की परिवहन व्यवस्था को अधिक सक्षम और ऊर्जा दक्ष बनाया है।
रेलवे विद्युतीकरण के आंकड़े किए साझा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण की शुरुआत वर्ष 1925 में हुई थी। उन्होंने बताया कि 1925 से 2014 तक लगभग 90 वर्षों में देश के कुल रेल नेटवर्क का केवल करीब 30 प्रतिशत हिस्सा ही विद्युतीकृत हो पाया था, जबकि लगभग 70 प्रतिशत रेल नेटवर्क डीजल इंजनों पर संचालित होता था। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में विद्युतीकरण कार्य में तेजी लाई गई, जिसके परिणामस्वरूप आज लगभग पूरा रेल नेटवर्क बिजली आधारित प्रणाली की ओर अग्रसर है।
हाइड्रोजन ट्रेन को भविष्य की रेल तकनीक बताया
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में रेलवे का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा आधारित तकनीकों से जुड़ा है और हाइड्रोजन ट्रेन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दुनिया के केवल तीन से चार देशों में ही हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन हो रहा है। उनके अनुसार भारत ने 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन विकसित कर इस क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन भारतीय इंजीनियरों द्वारा विकसित की गई है और इसका उद्देश्य प्रदूषण मुक्त तथा ऊर्जा दक्ष रेल परिवहन को बढ़ावा देना है।
रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे में नई तकनीकों को अपनाने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन जैसी परियोजनाएं भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा आधारित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रेलवे की तकनीकी क्षमता को भी मजबूत करेंगी।
