पिछली दोनों टांगें जवाब दे चुकीं, सड़क किनारे पड़ा मिला वन्यजीव; रेस्क्यू के लिए शिमला से बुलाई गई विशेष टीम
राजगढ़ के वार्ड नंबर-7 में आबादी वाले क्षेत्र के समीप एक घायल तेंदुआ मिलने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। तेंदुए की पिछली टांगों में चोट होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते वह चलने-फिरने में असमर्थ पाया गया। वन विभाग ने रेस्क्यू और उपचार के लिए शिमला से विशेषज्ञ वन्यजीव टीम को बुलाया है तथा वन्यजीव की लगातार निगरानी की जा रही है।
राजगढ़
नगर पंचायत राजगढ़ के वार्ड नंबर-7 में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब आबादी वाले क्षेत्र के समीप एक घायल बाघ दिखाई दिया। सड़क किनारे पड़े बाघ को देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि घायल अवस्था में होने के कारण बाघ ने किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह लोगों ने सड़क किनारे बाघ को असहाय हालत में पड़ा देखा। सूचना पूरे क्षेत्र में तेजी से फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को सुरक्षित करने के प्रयास शुरू किए। रेंज अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि बाघ की पिछली दोनों टांगें काम नहीं कर रही हैं, जिसके चलते वह उठने-चलने में असमर्थ है। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसे यह चोट कैसे लगी, लेकिन आशंका है कि वह किसी दुर्घटना अथवा गंभीर चोट का शिकार हुआ हो सकता है।वन विभाग के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना तुरंत वन्यजीव विभाग के उच्च अधिकारियों को दी गई। शिमला से विशेषज्ञ वन्यजीव रेस्क्यू टीम को राजगढ़ के लिए रवाना कर दिया गया है। टीम के पहुंचने के बाद बाघ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपचार के लिए शिमला ले जाया जाएगा, जहां उसके स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की जाएगी।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में उत्सुकता और भय का माहौल बना रहा। कई लोग दूर-दूर से घायल बाघ को देखने पहुंचे, जिसके चलते वन विभाग को लोगों को नियंत्रित करने में भी मशक्कत करनी पड़ी।रेंज अधिकारी दिनेश शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वे घायल बाघ के नजदीक जाने, उसे छेड़ने अथवा तस्वीर लेने के लिए अत्यधिक करीब पहुंचने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि घायल वन्यजीव अप्रत्याशित प्रतिक्रिया दे सकता है, इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है और घायल बाघ की निगरानी के साथ-साथ क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बाघ के घायल होने के कारणों का पता रेस्क्यू और चिकित्सकीय जांच के बाद ही चल सकेगा।