विधायक राम कुमार की जासूसी के आरोपों की जांच: गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय को सौंपा
Himachalnow / शिमला
विधायक राम कुमार का जासूसी आरोप
हिमाचल प्रदेश के दून विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक राम कुमार ने एसपी बद्दी इल्मा अफरोज पर जासूसी के गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक का कहना है कि एसपी इल्मा अफरोज ने उनकी जासूसी की, जो उनके विशेषाधिकार का हनन है। राम कुमार ने इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष से उचित कार्रवाई की मांग की है।
आरोपों का सार:
- राम कुमार ने कहा कि एसपी ने उनकी जासूसी की।
- यह विशेषाधिकार हनन का मामला है।
- विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की है।
गृह विभाग द्वारा जांच का आदेश
गृह विभाग ने विधायक के आरोपों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए यह मामला पुलिस मुख्यालय को सौंप दिया है। विधानसभा सचिवालय ने भी मामले पर गृह विभाग से जवाब मांगा था, जिसके बाद गृह विभाग ने डीजीपी से जांच रिपोर्ट की मांग की।
जांच प्रक्रिया:
- गृह विभाग ने डीजीपी से जांच रिपोर्ट की मांग की है।
- पुलिस मुख्यालय इस मामले की जांच कर रहा है।
- जांच रिपोर्ट के आधार पर विधानसभा सचिवालय को जवाब दिया जाएगा।
विधायक और एसपी के बीच टकराव
कुछ महीनों से विधायक राम कुमार और एसपी इल्मा अफरोज के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में राम कुमार को मुख्य संसदीय सचिव के पद से हटा दिया गया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया है। वहीं, एसपी अफरोज अवकाश पर चल रही हैं और उन्होंने अपनी अवकाश की अवधि तीन बार बढ़ाई है।
सामान्य जानकारी:
- टकराव की स्थिति के कारण एसपी अवकाश पर हैं।
- एसपी ने अपनी अवकाश अवधि को तीन बार बढ़ाया है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जांच की जा रही है
पुलिस मुख्यालय इस प्रकरण की गहन छानबीन कर रहा है। विधायक के आरोपों के बाद एसपी इल्मा अफरोज से भी उनका पक्ष लिया जा रहा है। जांच के बाद, डीजीपी रिपोर्ट को गृह विभाग को सौंपेंगे, ताकि विधानसभा सचिवालय को उचित उत्तर दिया जा सके।
यह मामला विधायक राम कुमार और एसपी इल्मा अफरोज के बीच बढ़ते विवाद का परिणाम प्रतीत होता है। गृह विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच पुलिस मुख्यालय को सौंप दी है। अब देखना यह है कि डीजीपी की जांच रिपोर्ट के बाद क्या कार्रवाई होती है।