Politics / पूर्व जयराम सरकार ने प्रदेश हितों से किया समझौता, केंद्र के आगे टेके घुटने: जगत सिंह नेगी
Politics : मानसून सीजन और संभावित प्राकृतिक आपदाओं को लेकर प्रदेश सरकार ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा के साथ केंद्र सरकार पर हिमाचल के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर भी प्रदेश हितों की प्रभावी पैरवी न करने की बात कही।
शिमला
हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन और संभावित प्राकृतिक आपदाओं को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि सरकार ने संबंधित विभागों को पहले ही अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है।उन्होंने बताया कि हाल ही में राजस्व विभाग की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग समेत अन्य महत्वपूर्ण विभागों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अधिकारियों के साथ भी बैठक कर आपदा प्रबंधन की रणनीति तय की गई है।
नेगी ने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें तैनात की गई हैं। नदियों में ड्रेजिंग का कार्य किया जा रहा है तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में नुकसान कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश में निर्माण गतिविधियों को नियमित और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार नई नीति को धरातल पर उतारने की दिशा में काम कर रही है। इस संबंध में कैबिनेट सब कमेटी की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं और हाईकोर्ट के निर्देशों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही पंचायतों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे जाएंगे, जिनमें भूमि के आकार के अनुसार भवन निर्माण की मंजिलों की सीमा, नदी-नालों से सुरक्षित दूरी और अन्य तकनीकी मानकों को स्पष्ट किया जाएगा। नई नीति में सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है ताकि भविष्य में अनियोजित निर्माण पर रोक लगाई जा सके।केंद्र सरकार से सहायता के मुद्दे पर जगत सिंह नेगी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का रवैया हिमाचल प्रदेश के प्रति हमेशा उदासीन रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को लगभग एक वर्ष बीतने वाला है, लेकिन कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू लगातार हिमाचल के अधिकारों और हितों की आवाज उठाते रहे हैं, जबकि पूर्व भाजपा सरकार केंद्र के सामने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी नहीं कर सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में प्रदेश के हितों के विरुद्ध फैसले लिए गए और कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं बेहद कम कीमत पर केंद्र को सौंप दी गईं।राजस्व मंत्री ने कहा कि यदि पूर्व सरकार ने वास्तव में प्रयास किए होते तो उनके कार्यकाल में प्रदेश के पक्ष में ठोस निर्णय दिखाई देते।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के दौरान हिमाचल को कोई बड़ा नया प्रोजेक्ट नहीं मिला, जबकि प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता गया।नेगी ने कहा कि भाजपा जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, लेकिन अब प्रदेश की जनता सच्चाई को समझ चुकी है और हिमाचल के हितों से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांग रही है।