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Jharkhand Student Protest / परीक्षा गड़बड़ी पर विधानसभा मार्च, बैरिकेड पार कर आगे बढ़े छात्र; वाटर कैनन से रोकने की कोशिश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Jharkhand Student Protest / JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने 10 अगस्त को रांची में विधानसभा की ओर मार्च किया। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच रविवार को करीब पांच घंटे तक चली तीन दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पूर्व घोषित विधानसभा घेराव जारी रखने का फैसला किया। मार्च के दौरान छात्र कई बैरिकेड पार कर आगे बढ़े, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। छात्र JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और मामले की CBI जांच की मांग पर कायम हैं।

रांची

विधानसभा मार्च के लिए छात्र पुरानी विधानसभा के पास एकत्र हुए और वहां से नई विधानसभा की ओर पैदल मार्च शुरू किया। विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। नए विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में झारखंड उच्च न्यायालय को छोड़कर BNS की धारा 163 लागू की गई। सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे और रास्ते में लगाए गए बैरिकेड पार कर विधानसभा की ओर बढ़े।

वाटर कैनन के बाद भी जारी रहा प्रदर्शन

प्रदर्शनकारी छात्रों के बैरिकेडिंग तक पहुंचने के बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद छात्रों का प्रदर्शन जारी रहा। विधानसभा की सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड को प्रदर्शनकारी पार करते हुए आगे बढ़े। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की और किसी भी गैर-कानूनी या उग्र गतिविधि में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

JSSC-CGL रद्द करने और CBI जांच की मांग

छात्र प्रतिनिधि JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरी प्रक्रिया की CBI जांच कराने की मांग पर अड़े हैं। सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। इनमें 14वीं JPSC पीटी परीक्षा और ACF परीक्षा को रद्द करना, TDPL एजेंसी की परीक्षाओं की जांच कराना और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाना शामिल है। हालांकि JSSC-CGL परीक्षा और CBI जांच के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।

CBI जांच के विकल्प को छात्रों ने किया खारिज

CBI जांच की मांग पर सरकार ने विकल्प के तौर पर रुपयों के लेन-देन की जांच ईडी को सौंपने, सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति बनाने और 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव दिया। छात्र नेताओं ने इन प्रस्तावों को खारिज करते हुए कहा कि TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने तथा पूरे मामले की CBI जांच का लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

दो हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती

विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन ने दो हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की। झारखंड पुलिस, आईआरबी और QRT को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया तथा विधानसभा के मुख्य द्वार के आसपास कंटीले तार लगाए गए। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी गैर-कानूनी या उग्र प्रदर्शन में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन सुरक्षा इंतजामों के बीच छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।