देश में यहां मिला नकली घी का बड़ा जखीरा! 2.17 लाख का 364 लीटर संदिग्ध घी जब्त, छापे के बाद मचा हड़कंप
हिमाचल नाऊ न्यूज मध्य प्रदेश
खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 364 लीटर संदिग्ध घी का जखीरा जब्त किया है। जवाहर मार्ग स्थित बृजेश ट्रेडिंग कंपनी पर हुई इस छापामार कार्रवाई में करीब 2.17 लाख रुपये कीमत का संदिग्ध घी सील किया गया।
बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।खाद्य सुरक्षा अधिकारी एच. एल. आवस्या के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए दुकान से अलग-अलग पैकिंग के चार नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है।
अब लैब रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुनाफे के लिए ऐसे तैयार किया जाता है मिलावटी घी
मिलावटखोर सस्ते पाम ऑयल और वनस्पति को घी के आधार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बाद असली घी जैसी खुशबू और स्वाद देने के लिए बटर एसेंस तथा अन्य फ्लेवरिंग पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। घी को दानेदार रूप देने के लिए स्टार्चयुक्त पदार्थों का इस्तेमाल किए जाने की भी आशंका रहती है।
वहीं सफेद फैट को पीला रंग देने के लिए रंगों का प्रयोग किया जा सकता है।बाजार में नकली उत्पादों को खपाने के लिए नामचीन ब्रांड जैसी दिखने वाली पैकिंग, डुप्लीकेट रैपर और बोतलों का इस्तेमाल भी किया जाता है। हालांकि, खरगोन में जब्त घी में वास्तव में किस तरह की मिलावट है, इसका खुलासा प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगा।
ग्राहक ऐसे बरतें सावधानीघी की शुद्धता को लेकर घर पर किए जाने वाले कुछ सामान्य परीक्षणों की चर्चा होती है। हथेली पर थोड़ा घी रखकर उसके पिघलने की प्रक्रिया देखी जा सकती है, हालांकि केवल इस आधार पर घी को शुद्ध या मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता।इसी तरह घी को गर्म करने पर उसके रंग, गंध और पिघलने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जा सकता है।
स्टार्च की मिलावट जांचने के लिए आयोडीन परीक्षण का भी उल्लेख किया जाता है—पिघले घी में आयोडीन डालने पर नीला रंग दिखाई देने पर स्टार्च की मौजूदगी का संकेत मिल सकता है। हालांकि घरेलू परीक्षण निर्णायक नहीं होते और खाद्य पदार्थ की वास्तविक गुणवत्ता की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जांच ही भरोसेमंद तरीका है।
फिलहाल खरगोन में जब्त 364 लीटर संदिग्ध घी के नमूने भोपाल लैब भेजे जा चुके हैं। अब जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि इस बड़े जखीरे में असल में क्या मिला हुआ था।