Alert / कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आधिकारिक पंजीकरण प्रक्रिया संबंधी विदेश मंत्रालय की चेतावनी
Alert : कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 को लेकर विदेश मंत्रालय ने श्रद्धालुओं को फर्जी विज्ञापनों, अनधिकृत वेबसाइटों और सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक पंजीकरण दावों से सतर्क रहने की सलाह दी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यात्रा से संबंधित आवेदन और जानकारी के लिए केवल अधिकृत पोर्टल का ही उपयोग किया जाना चाहिए तथा किसी भी अनधिकृत माध्यम पर व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
यात्रा पंजीकरण से जुड़े अनधिकृत विज्ञापनों पर मंत्रालय की नजर
कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद विदेश मंत्रालय ने श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत परामर्श जारी किया है। मंत्रालय के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग एप्लीकेशन और विभिन्न वेबसाइटों पर यात्रा पंजीकरण, बुकिंग तथा चयन प्रक्रिया से संबंधित कई अनधिकृत विज्ञापन और संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। कुछ प्लेटफॉर्म स्वयं को अधिकृत एजेंसी या सरकारी माध्यम बताकर लोगों को आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे विज्ञापनों के माध्यम से लोगों से व्यक्तिगत जानकारी, पहचान संबंधी दस्तावेज और वित्तीय विवरण प्राप्त करने की कोशिश की जा सकती है। इसलिए यात्रा के इच्छुक श्रद्धालुओं को किसी भी जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करने की सलाह दी गई है।
केवल आधिकारिक पोर्टल से ही करें आवेदन
विदेश मंत्रालय ने दोहराया है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आवेदन, पंजीकरण और अन्य आधिकारिक प्रक्रियाओं के लिए केवल kmy.gov.in पोर्टल ही मान्य है। मंत्रालय के अनुसार यदि कोई वेबसाइट, निजी एजेंसी या सोशल मीडिया पोस्ट स्वयं को यात्रा का अधिकृत पंजीकरण केंद्र बताती है, तो उसकी सत्यता की स्वतंत्र रूप से जांच की जानी चाहिए। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले वेबसाइट का डोमेन, संपर्क विवरण और आधिकारिक सूचना की पुष्टि अवश्य करें। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि यात्रा से संबंधित सभी महत्वपूर्ण घोषणाएं केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों से जारी की जाती हैं।
फर्जी लिंक और भुगतान मांगने वाले संदेशों से सावधान रहने की सलाह
विदेश मंत्रालय के अनुसार साइबर अपराधी धार्मिक यात्राओं, सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं के नाम पर फर्जी वेबसाइट और ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों में पंजीकरण शुल्क, प्रोसेसिंग चार्ज, दस्तावेज सत्यापन शुल्क या अन्य भुगतान के नाम पर धनराशि मांगी जा सकती है। कई बार उपयोगकर्ताओं को ऐसे लिंक भेजे जाते हैं, जिन पर क्लिक करने के बाद उनकी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच सकती है। मंत्रालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी साझा न करें और बिना सत्यापन के किसी भी खाते में भुगतान न करें।
यात्रा संचालन विदेश मंत्रालय की देखरेख में
कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की देखरेख में किया जाता है। यह यात्रा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है तथा प्रत्येक वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेने के लिए आवेदन करते हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यात्रा कार्यक्रम, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड, चयन प्रक्रिया और अन्य दिशा-निर्देश समय-समय पर आधिकारिक पोर्टल और सरकारी माध्यमों के जरिए जारी किए जाते हैं। इसलिए श्रद्धालुओं को केवल अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।
साइबर सुरक्षा को लेकर भी जारी की गई सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन पंजीकरण या भुगतान करते समय वेबसाइट की प्रामाणिकता की जांच करना अत्यंत आवश्यक है। उपयोगकर्ताओं को वेबसाइट के यूआरएल, सुरक्षा प्रमाणन और आधिकारिक स्रोत की पुष्टि करने के बाद ही कोई जानकारी साझा करनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध कॉल, संदेश, ईमेल या वेबसाइट के माध्यम से यात्रा पंजीकरण का प्रस्ताव मिलता है, तो उसकी सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन या संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए। मंत्रालय ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का आग्रह किया है।