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धर्मशाला में एटीएस मुद्दे पर टैक्सी-ट्रक ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से की मुलाकात

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 2 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / धर्मशाला

धर्मशाला में टैक्सी और ट्रक ऑपरेटरों के प्रतिनिधिमंडल ने एटीएस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले में फिलहाल मैनुअल फिटनेस टेस्ट की सुविधा देने का आश्वासन दिया है।

धर्मशाला

एटीएस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से हुई विस्तृत चर्चा
एटीएस (ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन) प्रणाली को लेकर बस, टैक्सी और ट्रक ऑपरेटरों की ओर से उठाई गई समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रतिनिधिमंडल ने कांगड़ा एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। बैठक के दौरान ऑपरेटरों ने नई व्यवस्था के लागू होने से उत्पन्न हो रही व्यावहारिक कठिनाइयों को विस्तार से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया को सरल बनाए जाने की मांग की।

मैनुअल फिटनेस टेस्ट सुविधा पर मुख्यमंत्री का आश्वासन
उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने ऑपरेटरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया है कि कांगड़ा जिले में आरटीओ और एमवीआई के माध्यम से फिलहाल कमर्शियल वाहनों के लिए मैनुअल फिटनेस टेस्ट की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से वाहन ऑपरेटरों को तत्काल राहत मिलने की संभावना है और प्रशासनिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने पर भी जोर दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के समक्ष मुद्दा उठाने की बात
केवल सिंह पठानिया ने यह भी बताया कि पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस विषय को पहले ही केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों से भी आग्रह किया है कि वे इस मुद्दे को केंद्र सरकार के स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाएं, ताकि ऑपरेटरों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके और भविष्य में किसी तरह की बाधा न रहे।

एटीएस व्यवस्था से उत्पन्न हो रही व्यावहारिक दिक्कतें
उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा वाहनों की फिटनेस जांच को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (एटीएस) के माध्यम से अनिवार्य किया गया है, लेकिन इस व्यवस्था के लागू होने के बाद से प्रदेश में कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आई हैं। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में दूर-दराज से आने वाले वाहन चालकों और ऑपरेटरों को इस प्रक्रिया में अधिक समय और संसाधनों की आवश्यकता पड़ रही है, जिससे असुविधा बढ़ी है।

ऑपरेटर यूनियन प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर कांगड़ा जिला की विभिन्न ऑपरेटर यूनियनों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें विक्की पठानिया, करतार पठानिया, मेहर सिंह ठाकुर, मोहिंदर सिंह, संजय शर्मा, कार्तिक शर्मा, कुलजीत राणा, नीका राम, कर्मा, अशोक शर्मा और कपिल शामिल रहे। सभी प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर सरकार से सकारात्मक समाधान की अपेक्षा जताई।