कांगड़ा में पोक्सो मामले में 20 वर्ष का कठोर कारावास, एनडीपीएस एक्ट के मामले में 18 महीने की सजा
कांगड़ा जिले की अदालतों ने पोक्सो एक्ट और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस के अनुसार दोनों मामलों में जांच पूरी कर समय पर चालान अदालत में प्रस्तुत किया गया था, जिसके बाद न्यायालय ने संबंधित प्रावधानों के तहत निर्णय सुनाया।
शिमला
पोक्सो मामले में 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
पुलिस महानिदेशक कार्यालय शिमला द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (रेप एंड पोक्सो), धर्मशाला ने पोक्सो एक्ट के एक मामले में 61 वर्षीय रमेश चंद को दोषी ठहराते हुए धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अतिरिक्त भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) के तहत एक वर्ष के कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने की भी सजा सुनाई गई है। दोषी रमेश चंद जिला कांगड़ा की शाहपुर तहसील के कुथेड़ गांव, डाकघर धनोटू का निवासी है।
दो माह में जांच पूरी कर पेश की गई चार्जशीट
यह मामला महिला पुलिस थाना धर्मशाला में 9 अप्रैल 2025 को दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर लगभग दो माह के भीतर 6 जून 2025 को अदालत में चार्जशीट प्रस्तुत कर दी थी। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
एनडीपीएस एक्ट के मामले में 18 महीने का कारावास
एक अन्य मामले में धर्मशाला स्थित फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने पालमपुर तहसील के ढाटी निवासी 29 वर्षीय अक्षय कटोच को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को 18 महीने के कारावास और 15,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला पुलिस थाना भवारना में 10 अक्तूबर 2019 को दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 165 ग्राम चरस बरामद की थी।
जांच के बाद अदालत में प्रस्तुत किया गया था चालान
पुलिस ने एनडीपीएस मामले की जांच पूरी करने के बाद 29 जनवरी 2020 को संबंधित अदालत में चालान प्रस्तुत किया था। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। दोनों मामलों में अदालत के निर्णय के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पुलिस ने दी आधिकारिक जानकारी
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने जारी बयान में कहा कि बच्चों के विरुद्ध अपराधों तथा मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में प्रभावी जांच और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।