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कांगड़ा में डिजिटल अरेस्ट का जाल: सेवानिवृत्त अधिकारी से 33 लाख रुपये की साइबर ठगी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 36 Mins Ago • 1 Min Read

कांगड़ा जिले की धीरा तहसील में 64 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने 33 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को दूरसंचार कंपनी, पुलिस और सीबीआई का अधिकारी बताकर पीड़ित को करीब एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान उन्हें घर से बाहर जाने और लौटने समेत अपनी गतिविधियों की जानकारी लगातार देने के लिए मजबूर किया गया। मामले की शिकायत साइबर क्राइम पुलिस थाना धर्मशाला में दर्ज कराई गई है।

धीरा/कांगड़ा

शिकायत के अनुसार, 30 जुलाई को सेवानिवृत्त अधिकारी के पास एक फोन आया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर आईसीआईसीआई बैंक में खाता खोला गया है और उस खाते से 6.8 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लेनदेन हुआ है। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए कहा कि पीड़ित के नाम गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। उसने यह भी दावा किया कि मामले को रफा-दफा करने के लिए 70 लाख रुपये का कमीशन लिया गया है।

इसके बाद कथित सीबीआई अधिकारी ने पीड़ित की निगरानी करने का नाटक किया और कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए दो लोग तैनात किए गए हैं। पीड़ित को प्रत्येक एक-दो घंटे में अपनी कुशलता की जानकारी देने तथा घर से बाहर जाने या वापस लौटने पर तुरंत सूचित करने के निर्देश दिए गए। ठगों ने बैंक खातों और मोबाइल की जांच के नाम पर पूरी रकम एक विशेष खाते में भेजने को कहा। दबाव में आए अधिकारी ने 12 अगस्त को चार लाख और 20 अगस्त को 29 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से आरोपियों के खातों में भेज दिए।

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