NDPS / कांगड़ा के तरसूह में घर और मंदिर से चिट्टा बरामद, आरोपी गिरफ्तार, 42 हजार से अधिक नकदी जब्त
Himachalnow / कांगड़ा
NDPS : कांगड़ा के तरसूह क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चिट्टा, ट्रामाडोल कैप्सूल और नकदी बरामद की है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच जारी है।
कांगड़ा
दबिश के दौरान आरोपी को मौके पर काबू किया गया
कांगड़ा पुलिस की सीआईए टीम ने प्राप्त सूचना के आधार पर तरसूह क्षेत्र में एक मकान पर औचक दबिश दी। पुलिस टीम के पहुंचने पर संबंधित व्यक्ति ने मौके से हटने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे वहीं पर काबू कर लिया। इसके बाद नियमानुसार स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तलाशी की पूरी प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि कार्रवाई को विधिक रूप से सुनिश्चित किया जा सके और सभी बरामदगी का उचित रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
घर और मंदिर परिसर से बरामदगी का विवरण
तलाशी के दौरान घर के अंदर एक बेड से तथा मकान के बाहर बने मंदिर परिसर से 12.18 ग्राम चिट्टा और कुछ ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से 42,150 रुपए नकद भी जब्त किए। बरामद सामग्री को नियमानुसार कब्जे में लेकर दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की गई है और इसे केस प्रॉपर्टी के रूप में दर्ज किया गया है।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान शेरू राम निवासी तरसूह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि वह कबाड़ का कार्य करता है। उसके खिलाफ पूर्व में भी नशे से जुड़े मामलों में संलिप्तता की जानकारी सामने आई है, जिसकी पुष्टि के लिए पुलिस रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज, पूछताछ जारी
बरामदगी के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जांच के लिए आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उससे पूछताछ कर नशीले पदार्थों के स्रोत, सप्लाई चेन और संभावित अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सके।
जांच का विस्तार और अन्य पहलुओं पर कार्य
पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं, जैसे वित्तीय लेनदेन, संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। इसके अतिरिक्त आरोपी की चल-अचल संपत्ति और आय के स्रोतों का भी परीक्षण किया जा सकता है, ताकि मामले से संबंधित सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके और आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके।