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कांगड़ा में 3,499 श्रमिकों को तीन साल में 10 करोड़ 85 लाख रुपये की सहायता

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 53 Mins Ago • 1 Min Read

कांगड़ा जिले में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के तहत पिछले तीन वर्षों में 3,499 श्रमिक लाभार्थियों को 10 करोड़ 85 लाख 17 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर के अनुसार, वर्ष 2026 में 15 अगस्त तक 718 लाभार्थियों के लिए 2 करोड़ 82 लाख 43 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत की गई। इसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

धर्मशाला

नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि जिले में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों तक बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। वर्ष 2026 में स्वीकृत सहायता के तहत बैजनाथ के 29 श्रमिकों को 16 लाख 76 हजार रुपये, देहरा के 19 श्रमिकों को 5 लाख 75 हजार रुपये और धर्मशाला के 106 लाभार्थियों को 36 लाख 79 हजार रुपये की सहायता मंजूर की गई। जयसिंहपुर में 20 श्रमिकों के लिए 7 लाख 3 हजार रुपये स्वीकृत किए गए।

विधानसभा क्षेत्रों में स्वीकृत सहायता

कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में 146 लाभार्थियों को 60 लाख 34 हजार रुपये और नगरोटा में 132 लाभार्थियों को 66 लाख 30 हजार रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत हुई। पालमपुर के 50 लाभार्थियों को 16 लाख 58 हजार रुपये, शाहपुर के 63 लाभार्थियों को 19 लाख 30 हजार रुपये और सुलह के 72 लाभार्थियों को 22 लाख 62 हजार रुपये मंजूर किए गए। फतेहपुर में छह लाभार्थियों के लिए 1 लाख 97 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है।

जवाली में 27 लाभार्थियों को 8 लाख 78 हजार रुपये, जसवां-प्रागपुर में 13 लाभार्थियों को 5 लाख 42 हजार रुपये और ज्वालामुखी में 12 लाभार्थियों को 2 लाख 71 हजार रुपये की सहायता दी गई। नूरपुर के 21 लाभार्थियों को 11 लाख 77 हजार रुपये तथा अन्य श्रेणी के दो लाभार्थियों को 25 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत हुई। बोर्ड के अनुसार, 15 अगस्त 2026 तक जिले के कुल 718 लाभार्थियों के लिए 2 करोड़ 82 लाख 43 हजार रुपये मंजूर किए गए।

पंजीकरण के लिए निर्धारित पात्रता

बोर्ड के दायरे में भवन, मकान, सड़क, सिंचाई, जल निकासी, बांध, नहर, बिजली उत्पादन, पारेषण एवं वितरण, विद्युत लाइन, संचार माध्यम, जलाशय, सुरंग, पुल-पुलिया और पाइपलाइन सहित अन्य निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक शामिल हो सकते हैं। पंजीकरण के लिए कामगार की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही श्रमिक का पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन भवन या अन्य निर्माण कार्य में कार्यरत होना आवश्यक है। पंजीकरण और नवीनीकरण की सुविधा बोर्ड की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और विवाह के लिए सहायता

पंजीकृत लाभार्थी के स्वयं के विवाह और दो बच्चों के विवाह के लिए 51 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। मातृत्व एवं पितृत्व सुविधा के तहत महिला और पुरुष लाभार्थियों को निर्धारित सहायता दी जाती है, जबकि महिला लाभार्थी के लिए 90 दिन से 26 सप्ताह तक मातृत्व अवकाश की राशि का प्रावधान है। चिकित्सा उपचार के लिए लाभार्थी और उसके आश्रितों को 50 हजार से 5 लाख रुपये तक सहायता मिल सकती है। पहली कक्षा से पीएचडी स्तर तक शिक्षा के लिए 8,400 रुपये से 1 लाख 20 हजार रुपये तक सहायता निर्धारित है।

पात्र लाभार्थी के 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन और दुर्घटना या बीमारी के कारण दिव्यांगता की स्थिति में 500 रुपये प्रतिमाह दिव्यांग पेंशन का प्रावधान है। पंजीकृत सदस्य की मृत्यु पर आश्रितों को अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त पात्र परिस्थितियों में मृत्यु सहायता योजना के तहत 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है।

महिलाओं और बच्चों के लिए भी योजनाएं

बेटी जन्म उपहार योजना के तहत लाभार्थी की दो बेटियों के जन्म पर 51 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। मानसिक रूप से मंद अथवा दिव्यांग बच्चों के लिए 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष और पंजीकृत सदस्य की विधवा को 1,500 रुपये प्रतिमाह विधवा पेंशन उपलब्ध करवाई जाती है। लाभार्थियों के बच्चों के छात्रावास में रहने पर 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष तक सहायता दी जा सकती है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता का भी प्रावधान है।

मुख्यमंत्री विधवा, एकल, निराश्रित एवं दिव्यांग महिला आवास योजना के तहत बोर्ड में पंजीकृत पात्र महिला कामगार को आवास निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके लिए महिला की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। बोर्ड के अनुसार, 15 अगस्त 2026 तक स्वीकृत सहायता में आठ विधवा महिला लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए एक-एक लाख रुपये की पहली किस्त जारी की गई। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिक परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेंशन, विवाह और मातृत्व जैसी जरूरतों में सहायता दी जा रही है।

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