करवा चौथ 2026: शुक्र अस्त में भी खरीद सकेंगी सुहाग सामग्री, 27-28 अक्टूबर को भी मौका
करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। शुक्र अस्त होने के कारण सुहाग और पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच मान्यता है कि महिलाएं साड़ी, चूड़ियां, सिंदूर, मेहंदी और अन्य जरूरी वस्तुएं खरीद सकती हैं। शुक्र अस्त का प्रभाव विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के मुहूर्त पर माना जाता है, लेकिन करवा चौथ का व्रत रखने, पूजा करने या उससे संबंधित सामग्री खरीदने पर रोक नहीं मानी गई है।
करवा चौथ 2026
सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। व्रत से पहले करवा, छलनी, पूजा की थाली और श्रृंगार की वस्तुएं जुटाई जाती हैं। इस वर्ष करवा चौथ से पहले पंचक 25 अक्टूबर की शाम समाप्त हो चुके हैं, लेकिन शुक्र अस्त होने के कारण खरीदारी के संबंध में कई महिलाओं के मन में सवाल बना हुआ है।
शुक्र अस्त में खरीदारी पर रोक नहीं
ज्योतिषीय मान्यताओं में शुक्र को प्रेम, विवाह, सौंदर्य और वैवाहिक जीवन का कारक माना गया है। शुक्र अस्त रहने की अवधि में विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के मुहूर्त को लेकर सावधानी बरती जाती है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं माना गया है कि करवा चौथ की पूजा या सुहाग से जुड़ी वस्तुएं नहीं खरीदी जा सकतीं। महिलाएं व्रत के लिए साड़ी या सूट, चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी और अन्य श्रृंगार सामग्री खरीद सकती हैं।
27 और 28 अक्टूबर को भी खरीदारी का अवसर
पंचक 25 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो चुके हैं। इसके बाद 26 अक्टूबर से करवा चौथ की खरीदारी की जा सकती है। जिन महिलाओं की तैयारियां अभी पूरी नहीं हुई हैं, वे 27 अक्टूबर, मंगलवार और 28 अक्टूबर, बुधवार को भी अपनी जरूरत का सामान खरीद सकती हैं। त्योहार से पहले पूजा और श्रृंगार सामग्री एकत्र करने से व्रत के दिन अंतिम समय की भागदौड़ से बचा जा सकता है और तैयारियां व्यवस्थित ढंग से पूरी की जा सकती हैं।
29 अक्टूबर की शाम होगा शुक्र उदय
द्रिक पंचांग के अनुसार शुक्र 12 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 19 मिनट पर अस्त हुए थे और 29 अक्टूबर को शाम 6 बजे उनका उदय होगा। शुक्र उदय के बाद भी विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए देवउठनी एकादशी तक इंतजार करने की परंपरा बताई जाती है। इसके बावजूद करवा चौथ का व्रत रखने, परंपरागत पूजा करने और उससे संबंधित तैयारियां पूरी करने पर शुक्र अस्त के कारण कोई रोक नहीं मानी गई है।
पूजा के लिए पहले से जुटा लें सामग्री
करवा चौथ की पूजा के लिए करवा, छलनी, पूजा की थाली, दीपक, रोली, अक्षत, कलावा, फल और मिठाई जैसी सामग्री पहले से रखी जा सकती है। महिलाएं अपनी पसंद के अनुसार चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, मेहंदी, साड़ी या सूट समेत अन्य श्रृंगार सामग्री भी खरीद सकती हैं। जरूरी वस्तुएं पहले से तैयार रखने पर व्रत वाले दिन पूजा की व्यवस्था आसानी से हो सकती है और किसी आवश्यक सामग्री के छूटने की आशंका भी कम रहती है।
इस लेख में दी गई धार्मिक और ज्योतिषीय जानकारी प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों और परंपराओं में इन मान्यताओं में अंतर हो सकता है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या मुहूर्त के संबंध में संबंधित विद्वान या ज्योतिषाचार्य से परामर्श लिया जा सकता है।