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केसीसी बैंक में नए चेयरमैन और बोर्ड गठन की तैयारी, OTS विवाद के बाद प्रक्रिया तेज

PRIYANKA THAKUR • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / धर्मशाला

प्रदेश के कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में लंबे समय से चल रहा प्रशासनिक प्रबंधन जल्द समाप्त होने की संभावना है और नए नेतृत्व की नियुक्ति पर निर्णय अंतिम चरण में है। सरकार द्वारा नए चेयरमैन और निदेशक मंडल के गठन से बैंक के संचालन को नियमित करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।

धर्मशाला

प्रशासनिक व्यवस्था जल्द होगी समाप्त
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में पिछले कुछ समय से प्रशासक के माध्यम से कार्य संचालन किया जा रहा है, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। प्रदेश सरकार बैंक को नया चेयरमैन और निदेशक मंडल देने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि पंचायत चुनावों से पहले इन नियुक्तियों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है, जिससे बैंक का संचालन फिर से नियमित ढांचे में आ सके।

OTS विवाद के बाद भंग हुआ था बोर्ड
बैंक में वन टाइम सेटलमेंट (OTS) से जुड़े मामलों और ऋण निपटान प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठने के बाद सरकार ने पहले के निदेशक मंडल को भंग कर दिया था। उस समय बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की गई और प्रबंधन की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से प्रशासक को सौंप दी गई। इस फैसले के बाद बैंक पूरी तरह प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता रहा।

वर्तमान में प्रशासक संभाल रहे जिम्मेदारी
इस समय बैंक का संचालन धर्मशाला के डिविजनल कमिश्नर संदीप कुमार बतौर प्रशासक कर रहे हैं। इसके साथ ही बैंक के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार नगर निगम धर्मशाला के कमिश्नर जफर इकबाल को सौंपा गया है। इस व्यवस्था के तहत बैंक के दैनिक कामकाज को संचालित किया जा रहा है, जब तक कि नया बोर्ड गठित नहीं हो जाता।

नई टीम के चयन पर अंतिम विचार-विमर्श
सरकार के पास संभावित नामों का पैनल तैयार बताया जा रहा है और इस पर मुख्यमंत्री स्तर पर चर्चा अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। नई टीम के गठन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर विचार किया जा रहा है, ताकि बैंक के संचालन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

चुनाव की मांग, लेकिन मनोनयन की संभावना
बैंक से जुड़ी कई सहकारी समितियां निदेशक मंडल के गठन के लिए चुनाव कराने की मांग कर रही हैं, ताकि उन्हें प्रतिनिधित्व मिल सके। हालांकि वर्तमान संकेत यही हैं कि सरकार फिलहाल मनोनीत सदस्यों के माध्यम से ही बोर्ड का गठन करने की तैयारी में है, जिससे प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जा सके।

पुराना बैंक, व्यापक भरोसा
करीब 106 वर्ष पुराने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक पर प्रदेश के हजारों ग्राहकों और शेयरधारकों का भरोसा बना हुआ है। नए चेयरमैन और निदेशक मंडल के गठन के बाद बैंक के कार्य संचालन में स्थिरता आने और व्यवस्थागत ढांचे को मजबूती मिलने की संभावना है।