सुरक्षा को लेकर जिला पुलिस की सख्ती
लाहौल स्पीति जिले में सैलानियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों के तहत, आम जनता को चेतावनी दी गई है कि वे चंद्रा नदी के पास कोकसर से तांदी पुल के बीच के क्षेत्र में न जाएं, जब तक कि उन्हें किसी साहसिक गतिविधि या आजीविका के उद्देश्य से विशेष अनुमति न दी गई हो।
सैलानी नदी के किनारे न जाएं
पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी ने बताया कि हाल ही में कुछ पर्यटक सेल्फी और वीडियो बनाने के लिए नदी के किनारे जा रहे थे, जो एक गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। इस क्षेत्र में नदी के बहाव और बर्फ की सतह की स्थिति ऐसी है कि यह अनहोनी का कारण बन सकती है। इस पर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि अगर कोई व्यक्ति इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उसे 10 दिन तक की कारावास या 500 से 5000 रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ेगा।
ब्लैक आइसिंग और खतरे से सावधान रहें
मयंक चौधरी ने जिले की भौगोलिक स्थिति के बारे में भी चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि लाहौल स्पीति जिले में ‘ब्लैक आइसिंग’ का प्रभाव होता है। इसका मतलब है कि नदी के ऊपरी हिस्से पर बर्फ जम जाती है, जबकि नीचे का पानी बहता रहता है। इस स्थिति में नदी के किनारे पर जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। पर्यटकों को इस बारे में जागरूक किया गया है, क्योंकि कई पर्यटक फोटो खींचने या मनोरंजन के लिए इन खतरनाक स्थानों पर चले जाते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है।
कड़े प्रशासनिक कदम
सैलानियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर ने भी निर्देश जारी किए हैं कि शिशु नदी और तांदी पुल के आसपास के क्षेत्र में गतिविधियों पर रोक रहेगी। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश पुलिस एक्ट 2007 के तहत पुलिस अधीक्षक को विशेष शक्तियां दी गई हैं, ताकि सैलानियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सैलानियों के लिए सुरक्षा टिप्स
पुलिस अधीक्षक ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे इन खतरनाक स्थानों से दूर रहें और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
इस नए कदम का उद्देश्य सैलानियों को सुरक्षित रखना और जिले में पर्यटक गतिविधियों को नियंत्रित करना है, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो।

