नाहन डिपो की एचआरटीसी वर्कशॉप, जो अपनी पुरानी अवस्था के लिए जानी जाती है, अब सुधार के दौर से गुजर रही है। परिवहन विभाग ने यहां की जर्जर स्थिति को सुधारने के लिए लाखों रुपये खर्च किए हैं। वर्कशॉप की हालत में सुधार लाने के साथ ही कर्मचारियों को राहत देने के लिए काम किए जा रहे हैं।
कार्य की शुरुआत और कर्मचारी समस्याएं:
एचआरटीसी की वर्कशॉप को कई सालों से खस्ताहाल स्थिति का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से शेड की कमी के कारण कर्मचारियों को बरसात और गर्मी के दौरान कार्य करने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता था। वर्कशॉप में खुले आकाश के नीचे काम करना कर्मचारी की सेहत और सुरक्षा के लिए खतरनाक साबित हो रहा था।
शेड का निर्माण और सुधार कार्य:
क्षेत्रीय प्रबंधक, अंचित शर्मा के अनुसार, वर्कशॉप में कर्मचारियों के लिए एक शेड का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए लगभग 2 लाख रुपये की राशि खर्च की जा रही है। यह शेड कर्मचारियों को काम करने के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करेगा। शेड का निर्माण अंतिम चरण में है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
दो प्रमुख प्रोजेक्ट्स की शुरूआत:
वर्कशॉप में सुधार के लिए दो प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है। पहला, वर्कशॉप शेड का निर्माण, जो अब लगभग पूरा हो चुका है। दूसरा, यार्ड का सुधार, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अंचित शर्मा ने बताया कि एक बार टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद वर्कशॉप की मॉडर्नाइजेशन का काम और भी तेज़ी से होगा।
नए बदलावों से वर्कशॉप का आधुनिकीकरण:
सुधार के इन कदमों से न केवल कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, बल्कि वर्कशॉप का समग्र आधुनिकीकरण भी होगा। पेवर ब्लॉक और शेड के निर्माण से वर्कशॉप का कार्य और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा, जिससे एचआरटीसी की कार्यकुशलता भी बढ़ेगी।
नाहन डिपो की एचआरटीसी वर्कशॉप में हो रहे सुधारों से न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि यह परिवहन विभाग की तरफ से एक सकारात्मक कदम भी है जो सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।

