लाल चंद प्रार्थी जयंती पर नाहन में सजा राज्य स्तरीय साहित्यिक सम्मेलन
Himachalnow / नाहन
नाहन में लाल चंद प्रार्थी जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय साहित्यिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शोधपत्र वाचन और बहुभाषी कवि सम्मेलन के माध्यम से साहित्य और लोक संस्कृति पर चर्चा हुई। विभिन्न साहित्यकारों और कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को समृद्ध बनाया।
नाहन
हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिमला और भाषा एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से शुक्रवार को नाहन के बचत भवन में लाल चंद प्रार्थी राज्य स्तरीय जयंती समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पद्मश्री विद्यानन्द सरैक ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि अध्यक्षता सिरमौर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. ओम प्रकाश राही ने की।समारोह के प्रथम सत्र में शोधपत्र वाचन और परिचर्चा आयोजित हुई। युवा साहित्यकार आचार्य सुरेश शर्मा भारद्वाज ने “लाल चंद प्रार्थी के काव्य में भाव तथा शिल्प” विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया, जबकि डॉ. आशा शर्मा ने “लाल चंद प्रार्थी तथा पहाड़ी संस्कृति” पर अपने विचार रखे। परिचर्चा में डॉ. सूरत राम ठाकुर, यज्ञदत्त, डॉ. शंकर वशिष्ठ और डॉ. मदन हिमाचली ने प्रार्थी के साहित्य, व्यक्तित्व और लोक संस्कृति में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि डॉ. मस्तराम शर्मा ने शोधपत्रों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए काव्य में छंदों के साहित्यिक महत्व को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि पद्मश्री विद्यानन्द सरैक ने अपने संबोधन में लाल चंद प्रार्थी के साहित्य को हिमाचली लोक संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया और कहा कि उनका काव्य लोकजीवन, संस्कृति और नाट्य परंपरा का सशक्त दस्तावेज है।
कार्यक्रम का दूसरा सत्र बहुभाषी कवि सम्मेलन के रूप में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता डॉ. शंकर वशिष्ठ ने की। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए साहित्यकारों और कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।कार्यक्रम में डॉ. मस्तराम शर्मा, अनिल हार्टा, मोहन ठाकुर, स्वतंत्र कौशल और कांता नेगी सहित अनेक साहित्यकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिलीप वशिष्ठ ने किया।