Landslide / शिमला के संजौली क्षेत्र में भूस्खलन, कई मकानों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क
Landslide : सतत वर्षा के बीच शिमला के संजौली कॉलेज के समीप बोथवेल क्षेत्र में शनिवार तड़के भूस्खलन की घटना सामने आई, जिससे आसपास के कई मकानों और संपर्क मार्ग पर प्रभाव पड़ा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण शुरू कर दिया है तथा एहतियात के तौर पर प्रभावित परिवारों को आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
शिमला
तड़के हुई घटना, संपर्क मार्ग प्रभावित
राजधानी शिमला के संजौली कॉलेज के निकट स्थित बोथवेल क्षेत्र में शनिवार सुबह लगभग 4:00 बजे भूस्खलन हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सड़क के नीचे बनी रिटेनिंग वॉल क्षतिग्रस्त होने के बाद पहाड़ी से मिट्टी और मलबा नीचे की ओर खिसक गया। इससे संजौली कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग का एक हिस्सा प्रभावित हुआ तथा नीचे स्थित आवासीय क्षेत्र तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग पर भी असर पड़ा। घटना के समय अधिकांश लोग अपने घरों में थे। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
कई मकानों पर बना संभावित जोखिम
भूस्खलन के बाद मलबा नीचे स्थित रिहायशी क्षेत्र की ओर पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों के अनुसार तीन से चार आवासीय भवन संभावित जोखिम वाले क्षेत्र में आ गए हैं। कई मकानों तक पहुंचने वाले रास्ते भी प्रभावित हुए हैं। घटना के बाद स्थानीय निवासी एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का आकलन करते हुए प्रभावित परिवारों को आवश्यक होने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी। प्रशासन द्वारा क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि वर्षा के दौरान किसी अतिरिक्त जोखिम की स्थिति में समय पर कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोगों ने रखी अपनी बातें
स्थानीय निवासियों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें तत्काल सहायता और वैकल्पिक व्यवस्था की आवश्यकता है क्योंकि प्रभावित परिवारों के सामने अस्थायी आवास की चुनौती भी है। प्रशासन से क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने तथा प्रभावित स्थान का विस्तृत निरीक्षण कराने की मांग की गई है।
निर्माण कार्य को लेकर भी उठाए गए सवाल
स्थानीय निवासियों ने यह भी दावा किया है कि क्षेत्र में चल रही एक निजी निर्माण परियोजना के दौरान पहाड़ी की खुदाई की गई थी। उनका आरोप है कि लगातार वर्षा के कारण ढलान कमजोर हुई, जिससे भूस्खलन की स्थिति बनी। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की समीक्षा तथा क्षेत्र का विस्तृत भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की है।
प्रशासन स्थिति पर रखे हुए है नजर
प्रशासन प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का आकलन कर रहा है और आवश्यकता अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। संबंधित विभागों को क्षेत्र का निरीक्षण करने, सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संभावित जोखिम वाले स्थानों की निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा सलाह का पालन करें।