Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल
ऊना जिले में पशु चिकित्सा में बड़ी उपलब्धि
ऊना जिले के पशु चिकित्सालय ललड़ी ने पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के डॉक्टरों की कुशल टीम ने 7 किलोग्राम के जटिल मूत्रमार्गीय ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर पशु को नया जीवन दिया। इस जटिल ऑपरेशन को डॉ. मनोज शर्मा और डॉ. अनूप रुथवाल की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
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पशुपालकों के लिए प्रमुख केंद्र बना अस्पताल
पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन विभाग, ऊना के उप निदेशक डॉ. विनय कुमार शर्मा ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पशु चिकित्सालय ललड़ी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए ऊना, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और पंजाब के कई हिस्सों के पशुपालकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां विश्वस्तरीय तकनीकों और उपकरणों का उपयोग कर जटिल सर्जरी और अन्य उपचार किए जा रहे हैं।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस अस्पताल
अस्पताल के वेटनरी ऑफिसर डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि यहां ट्यूमर के अलावा कैंसर, बांझपन और गर्भनिरोधक जैसी जटिल बीमारियों का इलाज फॉरेन तकनीक से किया जाता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम में डॉ. अनूप रुथवाल (वेटरनरी गायनोकोलॉजिस्ट), डॉ. नेहा चौहान (वेटरनरी मेडिसिन विशेषज्ञ) और डॉ. मोनिका ठाकुर (वेटरनरी पैथोलॉजिस्ट) शामिल हैं।
अस्पताल में इलास्टोग्राफी और ईको कार्डियोग्राफी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे दिल की बीमारियों का इलाज भी किया जाता है। नरम ऊतक सर्जरी, आर्थोपेडिक सर्जरी, वक्ष शल्य चिकित्सा और कठिन प्रसव के इलाज की सुविधाएं भी यहां दी जाती हैं। खून की जांच, क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री और अन्य प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भी यह अस्पताल सुविधाजनक है।
यूरोपीय मानकों पर आधारित चिकित्सा सेवाएं
डॉ. शर्मा ने बताया कि अस्पताल में ऑर्थोपेडिक सर्जरी, सॉफ्ट टिशू सर्जरी, हृदय सर्जरी और ट्यूमर सर्जरी जैसी जटिल प्रक्रियाएं भी सफलता से की जा रही हैं। यूरोपीय मानकों के अनुसार इनहेलेशन एनेस्थीसिया, ऐसप्टिक प्रक्रियाओं और मल्टीपैरामीटर मॉनिटरिंग का उपयोग सर्जरी को सुरक्षित और प्रभावी बनाता है।
मोबाइल वेटरनरी वैन की सुविधा
अस्पताल क्षेत्र में मोबाइल वेटरनरी वैन के जरिए भी पशुओं की चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। इस सेवा का लाभ टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करके लिया जा सकता है।
अस्पताल निर्माण और भविष्य की दिशा
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रयासों से पशु चिकित्सालय ललड़ी का निर्माण 2 कनाल भूमि पर 2 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह अस्पताल जटिल बीमारियों का इलाज, कठिन सर्जरी और पशुओं के प्रजनन और पोषण के बारे में परामर्श प्रदान करता है। अपनी विशेषज्ञ सेवाओं और आधुनिक सुविधाओं के चलते यह अस्पताल न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पंजाब के भी कई जिलों के पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान बन चुका है।
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