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महाकुंभ 2025 / ‘विद्या कुंभ’ से श्रमिकों के बच्चों को मिल रही स्मार्ट शिक्षा, बह रही ज्ञान की गंगा

हिमाचलनाउ डेस्क | 30 दिसंबर 2024 at 12:02 am

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प्रयागराज में आयोजित होने वाला महाकुंभ 2025 इस बार न केवल आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में भी एक मिसाल पेश करने जा रहा है। महाकुंभ के विशाल मेला क्षेत्र में जहाँ लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और पर्यटक आते हैं, वहीं यहां काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों के लिए एक अनोखी पहल की शुरुआत की गई है।

विद्या कुंभ: श्रमिकों के बच्चों के लिए अस्थाई स्कूल
महाकुंभ के आयोजन में श्रमिकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। ये श्रमिक मेला क्षेत्र की सफाई, व्यवस्थाओं और सुरक्षा को बनाए रखने में जुटे रहते हैं। लेकिन उनकी चिंता यह थी कि वे अपनी रोज़ी-रोटी कमाने के लिए कुंभ क्षेत्र में आए हैं, तो उनके बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा? इस समस्या का हल निकाला है “विद्या कुंभ” पहल ने, जिसके तहत मेला क्षेत्र में अस्थाई स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को शिक्षा दी जा रही है।

शिक्षा विभाग और शिव नाडर संस्थान का सहयोग
बेसिक शिक्षा विभाग ने इस पहल को बढ़ावा दिया है, जिसमें शिव नाडर संस्थान का भी सक्रिय सहयोग मिल रहा है। इन विद्यालयों में बच्चों को स्मार्ट क्लासेस के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है, जहां ऑडियो-विजुअल तरीकों से उन्हें पढ़ाया जा रहा है। इन स्मार्ट क्लासेस ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि को और भी बढ़ा दिया है।

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श्रमिकों के बच्चों के लिए एक अवसर
विद्या कुंभ के इन स्कूलों में ना केवल उत्तर प्रदेश के बल्कि मध्य प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों से आए बच्चों को भी शिक्षा मिल रही है। इन बच्चों को उनके पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जा रही है, ताकि वे अपने-अपने राज्यों में वापस जाने के बाद अपनी कक्षाओं में बिना किसी परेशानी के परीक्षा दे सकें। कुंभ मेला क्षेत्र में यह शिक्षा 26 फरवरी तक चलेगी और बच्चों को एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपनी संबंधित स्कूलों में दाखिला ले सकेंगे।

बच्चों के लिए पूरी व्यवस्था
इन स्कूलों में बच्चों के लिए आवश्यक शैक्षिक सामग्री जैसे स्कूल ड्रेस, किताबें, कॉपी और उमंग किट का प्रबंध किया गया है। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए योग्य शिक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। कुल मिलाकर यह पहल बच्चों को भविष्य की दिशा देने में अहम भूमिका निभा रही है, खासकर उन बच्चों के लिए जो किसी कारणवश नियमित स्कूलों में शिक्षा ग्रहण नहीं कर पा रहे थे।

स्मार्ट क्लास और आंगनवाड़ी केंद्र
श्रमिकों के बच्चों के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चों के लिए आंगनवाड़ी केंद्र भी मेला परिसर में चलाए जा रहे हैं। इन स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास का भी ख्याल रखा जा रहा है।

2025 के महाकुंभ में शिक्षा की नई शुरुआत
2019 में भी इसी तरह की पहल देखी गई थी, लेकिन 2025 में यह पहल और भी स्मार्ट हो चुकी है। मेला प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर इस पहल को सुचारू रूप से चला रहे हैं, जिससे यह न केवल एक धार्मिक आयोजन बने बल्कि समाज की सच्ची प्रगति का प्रतीक भी हो।

समाज के हर तबके के बच्चों को शिक्षा देने का संकल्प
महाकुंभ 2025 में “विद्या कुंभ” न केवल श्रमिकों के बच्चों के लिए एक शिक्षा का अवसर बनकर उभरा है, बल्कि यह एक संदेश भी है कि समाज के हर तबके के बच्चों को शिक्षा का समान अधिकार मिलना चाहिए। यह पहल महाकुंभ के साथ एक नई दिशा और उम्मीद को जन्म देती है, जहां हर बच्चा अपना भविष्य संवार सकता है।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि महाकुंभ 2025 सिर्फ आध्यात्मिक महत्व नहीं, बल्कि शैक्षिक दृष्टिकोण से भी इतिहास रचने जा रहा है। “विद्या कुंभ” के माध्यम से ज्ञान की गंगा बहाने की यह पहल एक नजीर बनेगी, जो भविष्य में और भी बड़े बदलावों का संकेत देती है।

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