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मंडी में पनीर के 6 सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल, खाद्य सुरक्षा विभाग ने जारी किए नोटिस

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 3 Hours Ago • 1 Min Read

मंडी जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए पनीर के नमूनों में से छह सैंपल निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि तीन अन्य खाद्य उत्पाद मिसब्रांडेड पाए गए हैं।

मंडी

अप्रैल में लिए गए थे खाद्य उत्पादों के नमूने

खाद्य सुरक्षा विभाग मंडी द्वारा अप्रैल माह के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष सैंपलिंग अभियान चलाया गया था। इस दौरान सुंदरनगर, जोगिंदरनगर, पनारसा, बागशायड़, नगवाई और पधर सहित विभिन्न क्षेत्रों से पनीर समेत अन्य खाद्य उत्पादों के लगभग 22 नमूने एकत्र किए गए थे। इन सभी नमूनों को परीक्षण के लिए कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब भेजा गया था, जहां निर्धारित मानकों के अनुरूप उनकी गुणवत्ता की जांच की गई।

जांच रिपोर्ट में 6 पनीर के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे

करीब डेढ़ माह बाद प्राप्त लैब रिपोर्ट के अनुसार पनीर के छह नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संबंधित नमूनों में मिल्क फैट की मात्रा निर्धारित मानकों से कम थी। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि पनीर में दूध आधारित वसा के अतिरिक्त अन्य प्रकार के फैट की मौजूदगी के कारण उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इसी आधार पर इन नमूनों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं माना गया।

विक्रेताओं को नोटिस जारी, नियमानुसार कार्रवाई शुरू

खाद्य सुरक्षा विभाग ने लैब रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई प्रक्रिया में है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाएगा।

तीन अन्य खाद्य उत्पाद मिसब्रांडेड पाए गए

पनीर के अलावा विभाग द्वारा लिए गए अन्य खाद्य उत्पादों की जांच में शहद, एप्पल जूस और सेब के सिरके के नमूने मिसब्रांडेड पाए गए हैं। विभाग के अनुसार इन उत्पादों के लेबल पर उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक जानकारी पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं थी। खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और लेबलिंग संबंधी निर्धारित मानकों का पालन न होने के कारण इन्हें मिसब्रांडेड श्रेणी में रखा गया है।

कंपनियों से मांगा गया जवाब

खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित उत्पादों का विपणन करने वाली कंपनियों को भी नोटिस जारी किए हैं। विभाग ने निर्धारित समयावधि के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और लेबलिंग संबंधी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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