विश्व पर्यावरण दिवस पर राज्यपाल ने शिमला में स्वच्छ पर्यावरण और नशामुक्ति विषयक मिनी मैराथन को किया रवाना
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिमला के रिज मैदान से स्वच्छ पर्यावरण एवं नशामुक्त जीवन विषय पर आयोजित मिनी मैराथन का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण तथा नशामुक्ति के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
शिमला
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान से स्वच्छ पर्यावरण एवं नशामुक्त जीवन विषय पर आयोजित मिनी मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल प्रदेश पुलिस, पर्यावरण विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा जनगणना निदेशालय, हिमाचल प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। आयोजन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और नशामुक्त समाज के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की उपस्थिति रही।
विभिन्न वर्गों के लोगों ने लिया हिस्सा
मिनी मैराथन में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रतिभागियों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से आए लोगों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के सदस्य, हिमाचल प्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं जवान, विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक तथा दिव्यांगजन शामिल रहे। आयोजकों के अनुसार इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को एक साझा मंच पर लाकर सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति सहभागिता बढ़ाना है।
पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति पर दिया गया संदेश
आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली, सामाजिक उत्तरदायित्व और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को पर्यावरणीय चुनौतियों, स्वच्छता के महत्व तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही जनगणना विभाग द्वारा संचालित स्व-गणना अभियान के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया और नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया गया।
प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण पर दिया बल
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि हिमाचल प्रदेश स्वच्छ पर्यावरण, वन संपदा, जल स्रोतों और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण केवल वर्तमान पीढ़ी ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को विकास प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी विकासात्मक गतिविधि में पर्यावरणीय पहलुओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को जागरूक बनाने और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी इस दिशा में महत्वपूर्ण है।
जनभागीदारी को बताया महत्वपूर्ण
राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और नशामुक्ति जैसे सामाजिक अभियानों की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से ही ऐसे अभियानों को व्यापक स्तर पर प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि सामुदायिक स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।
प्रतिभागियों को दिलाई शपथ
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं नशामुक्त जीवन के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद कर पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास से संबंधित विभिन्न विषयों को प्रदर्शित किया गया था। राज्यपाल ने ‘हरित हिमाचल’ एवं ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ अभियान वॉल पर हस्ताक्षर कर इन अभियानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्ज की तथा संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे जन-जागरूकता प्रयासों की सराहना की।